तिरुवल्लूर गैस लीक मामले की जांच को ओडिशा से चेन्नई पहुंच रही विशेष टीम

चेन्नई, 22 जून . तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरियापलायम के पास एक सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में रविवार को अमोनिया गैस लीक हो गई. गैस लीक की जांच के लिए ओडिशा की टीम चेन्नई पहुंच रही है, जो पूरे मामले की जांच करेगी. इस टीम का नेतृत्व श्रम और ईएसआई विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल करेंगे.

ओडिशा टीम के सदस्य एमएम पाइक चेन्नई में ही रहेंगे ताकि वे श्रम विभाग के संयुक्त आयुक्त और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों के साथ पोस्टमार्टम और अन्य संबंधित औपचारिकताओं के लिए समन्वय कर सकें. इसके साथ ही चेन्नई पहुंचने के बाद राजेश अग्रवाल और बीबी आचार्य तिरुवल्लुर जाएंगे. वहां भर्ती घायल कर्मचारियों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है. एक मृतक कर्मचारी का शव भी अभी तिरुवल्लुर में है.

जानकारी के अनुसार लगभग 130 कर्मचारियों को पास के एक मंडप/सामुदायिक भवन में ठहराया गया है. उनके लिए भोजन और अन्य जरूरी इंतजाम किए गए हैं. चेन्नई और तिरुवल्लुर में श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय जारी है.

बता दें कि सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में रविवार को अमोनिया गैस लीक होने से कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं.

तमिलनाडु सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस और ऑफिशियल सूत्रों के मुताबिक यह लीक सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट फैसिलिटी में हुआ, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक काम करते हैं.

घटना के समय असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाओं समेत करीब 120 वर्कर फैक्ट्री परिसर में मौजूद थे.

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध अमोनिया लीक यूनिट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से शुरू हुआ और तेजी से फैसिलिटी के कुछ हिस्सों में फैल गया. गैस के संपर्क में आने वाले वर्करों को सांस लेने में बहुत दिक्कत, चक्कर आना और जलन होने लगी. कुछ के मुंह और नाक से खून बहने की खबर है जो इस बात का संकेत है कि यह गैस कितनी गंभीर थी.

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना पर चिंता जताई और अधिकारियों को प्रभावित मजदूरों को सभी जरूरी मेडिकल मदद देने का निर्देश दिया. उन्होंने लीक के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली जांच कमेटी बनाने का भी आदेश दिया.

मुख्यमंत्री ने पैनल को तुरंत इंस्पेक्शन करने और 24 घंटे के अंदर डिटेल्ड रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. जांच में सेफ्टी प्रोटोकॉल, मेंटेनेंस प्रोसेस और फैसिलिटी में संभावित कमियों की जांच होने की उम्मीद है.

पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच चल रही है. अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इंडस्ट्रियल सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की वजह से यह हादसा हुआ.

एसएके/पीएम