स्टार्टअप जगत ने पीएम मोदी की सराहना की, नीस ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का बेसब्री से कर रहे इंतजार

नीस, 13 जून . भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का उद्घाटन करने वाले हैं. भारत की स्टार्टअप समुदाय ने पीएम मोदी के इस पहल की सराहना की और कहा कि उन्हें नीस में होने वाले भारत इनोवेट्स 2026 इवेंट का बेसब्री से इंतजार है.

बता दें कि भारत इनोवेस 120 से ज्यादा भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप्स के साथ-साथ फ्रांस और दूसरे देशों के जाने-माने बिजनेस लीडर्स, निवेशक और सीईओ भी हिस्सा लेंगे.

ऊर्जानोवासी के इनोवेटर विक्रम विशाल ने कहा, “हम बहुत उत्साहित हैं. हमारे स्टार्टअप ग्रुप के सभी सदस्य बहुत खुश हैं कि हमारे प्रधानमंत्री हमें समर्थन और हिम्मत दे रहे हैं. इससे यह पक्का संदेश जाता है कि अगर आप एक तकनीकी इनोवेटर हैं जो काम के सॉल्यूशन बना रहे हैं, तो आपको खुद प्रधानमंत्री का समर्थन और हिम्मत मिलेगी. हम सच में बहुत खुश हैं, और हमारे उत्साह की कोई सीमा नहीं है.”

प्रो. विक्रम विशाल ने कहा, “इनोवेटर्स चाहते हैं कि उनकी टेक्नोलॉजी दुनिया तक पहुंचे और उनकी पहचान बने. वे दिखाना चाहते हैं कि उनके पास यूनिक सॉल्यूशन हैं. हर एंटरप्रेन्योर इस विश्वास के साथ आगे बढ़ता है कि दुनिया को उनके बनाए सॉल्यूशन की जरूरत है. हमने कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी जैसे सॉल्यूशन डेवलप किए हैं. हमारा मानना ​​है कि यह सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक सॉल्यूशन है, इसीलिए हम इसे बहुत महत्व दे रहे हैं.”

ऊर्जानोवासी के इनोवेटर, प्रो. अर्नब दत्ता ने कहा, “मैं बहुत उत्साहित हूं क्योंकि जब वे 2014 में प्रधानमंत्री बने तो मैं अपनी पोस्ट-डॉक्टरेट रिसर्च कर रहा था और मुझे अमेरिका में काम करने का ऑफर मिला था. जब मैंने उन्हें देखा, तो मुझे लगा कि इंडिया में बदलाव आ रहा है. इसलिए मैंने तय किया कि मैं अमेरिका में काम नहीं करूंगा. मैं भारत में काम करूंगा. मैंने 2015 में भारत में काम करना शुरू किया. मैं इस बदलाव को करीब से देख पाया हूं, और 11 साल बाद, मैं कह सकता हूं कि पूरी तरह से बदलाव आ गया है. आज, हमें उनके सामने वह पेश करने का मौका मिल रहा है जो हमारी टीम ने सोचा था और जिसके लिए हमने मिलकर काम किया था.”

उन्होंने आगे कहा, “कार्बन डाइऑक्साइड एक बड़ी चुनौती है, और सवाल यह है कि इसका हल कैसे निकाला जाए. हमने पानी का इस्तेमाल करके कार्बन डाइऑक्साइड को कैप्चर करने और बदलने का एक तरीका खोजा है. यह प्रोसेस उन तरीकों से प्रेरित है जो लाखों सालों से बायोलॉजी और जियोलॉजी में मौजूद हैं. जब हमने इसकी बारीकी से स्टडी की, तो हमने पाया कि पानी में एक कैटलिस्ट डालने से कार्बन डाइऑक्साइड को तेजी से नमक में बदला जा सकता है. ये कंपाउंड पहले से ही रोज़मर्रा की ज़िंदगी और इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहे हैं.”

प्रो. अर्नब दत्ता ने कहा कि यह हमारे लिए सबसे बड़ा मोटिवेशन है. जब हम काम करते हैं तो हम देश के लिए काम करते हैं. हम चाहते हैं कि हम जो इनोवेशन डेवलप कर रहे हैं, उससे न सिर्फ हमारे इंस्टीट्यूट को बल्कि दुनिया भर के लोगों को फायदा हो. जब हमें प्रधानमंत्री से हिम्मत मिलती है, जो न सिर्फ हमारे देश के लीडर हैं बल्कि हम सभी के लिए प्रेरणा भी हैं, तो यह हमें और भी बेहतर काम करने के लिए मोटिवेट करता है. हम इसे आगे बढ़ा सकते हैं और भारत के इनोवेशन को पूरी दुनिया को दिखा सकते हैं, यहां तक ​​कि विदेशी धरती पर भी.

गुडलिफ मोबिलिटी के इनोवेटर अजीत बाबू पीके ने कहा, “भारत इनोवेट्स एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है जिसके जरिए निवेशक, कॉर्पोरेट और इनोवेटर एक साथ आकर भारत और दुनिया की तरक्की को आगे बढ़ा सकते हैं. इसने हमें एक ऐसा मौका और पहचान दी है जो शायद हमें कहीं और नहीं मिलती.”

ट्रिकॉग हेल्थ के इनोवेटर प्रतीक गोलेचा ने कहा, “जैसा कि मैंने कहा, यह एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म है. हम यहां कई साथी कंपनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और वे कुछ शानदार रिसर्च और काम कर रहे हैं. कुछ शुरुआती चरण में हैं, जबकि कुछ ने पहले ही सफल बिजनेस शुरू कर दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति की मौजूदगी में लोगों को पहचान मिलना आकर्षण का केंद्र है. इससे न केवल बिजनेस के मौके बनते हैं, बल्कि जमीन पर असर डालने का भी एक बड़ा मौका मिलता है.”

गुडलिफ मोबिलिटी के इनोवेटर, डॉ. केसी वोरा ने कहा, “भारत इनोवेटिव 2026 प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के तहत आगे बढ़ने वाला पहला इनिशिएटिव है. इसे ऑर्गनाइज करने में कई आईआईटी शामिल हैं. हम चाहते हैं कि यह इवेंट हर साल होता रहे और अलग-अलग देशों में हो. भारत आगे भी तरक्की करता रहेगा. हम इस सिलेंडर को एक्सपोर्ट करना चाहते हैं. यहां सभी स्टार्टअप्स का मकसद अलग-अलग देशों में विस्तार करना है. उदाहरण के लिए, यह इवेंट आज फ्रांस में हो रहा है. इस बात को लेकर बहुत उत्साह है कि हमारा प्रोडक्ट दुनिया भर में पहचाना जा सकता है. हमें विश्वास है कि इसमें दुनिया भर में एक्सपोर्ट किए जाने की क्षमता है.”

वहीं, पीएम मोदी के स्लोवाकिया दौरे से पहले ब्रातिस्लावा की रहने वाली वर्निका ने कहा, “हाल के सालों में, मुझे लगता है कि इसका महत्व बढ़ रहा है क्योंकि भारत से स्लोवाकिया आने वाले इमिग्रेंट्स की संख्या भी बढ़ रही है.”

वहीं, उनसे जब पूछा गया कि क्या पीएम मोदी के इस दौरे से स्लोवाकिया और भारत के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे, इस पर उन्होंने कहा कि शायद हां. अभी इस बारे में राय काफी कम है और अगर दौरा होता है, तो शायद राय भी बढ़ेगी.

केके/डीकेपी