राम मंदिर दान चोरी मामले में दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: कैबिनेट मंत्री राकेश सचान

फतेहपुर, 29 जून . उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले को गंभीर घटना बताते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि भक्तों की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. मंत्री ने फतेहपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही.

राकेश सचान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अयोध्या मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं संज्ञान लिया है और एफआईआर दर्ज कराई गई है. मामले में आठ लोगों को जेल भेजा गया है और पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर भी लिया है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.”

उन्होंने कहा, “घटना गंभीर है और मुख्यमंत्री ने इसका संज्ञान लिया है. मामले में एफआईआर दर्ज हुई है, जिसमें आठ लोग जेल भी गए हैं. पुलिस ने रिमांड पर भी लिया है. मुख्यमंत्री लगातार कह रहे हैं कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा. जो भी लोग इसमें लिप्त हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी.”

राम मंदिर से जुड़े मामले में विपक्ष के रुख पर उन्होंने कहा, “जब जानकारी सामने आई, तभी एसआईटी का गठन किया गया और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई शुरू हुई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा और सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी.”

पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर चल रही चर्चा पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य में बदलाव की उम्मीद जगी है. पहले वहां अराजकता का माहौल था, लेकिन अब लोगों को बदलाव महसूस हो रहा है. जिन लोगों की गुंडागर्दी खत्म हुई है, उन्हें ही परेशानी हो रही है.”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली में लापता होने वाले पोस्टरों पर भी मंत्री ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी जनता के प्रतिनिधि हैं और लोगों को उनसे उम्मीद रहती है कि वे अपने क्षेत्र और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाएं. पोस्टर लगाने वालों के अपने कुछ मुद्दे रहे होंगे, जिनके आधार पर उन्होंने यह कदम उठाया है.”

आरएसएस नेता द्वारा देश के विभाजन और महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान पर राकेश सचान ने कहा, “आजादी का इतिहास बहुत संघर्षपूर्ण रहा है. देश को आजादी दिलाने में लाखों लोगों ने बलिदान दिया और उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए ही नेताओं ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे.”

एससीएच/वीसी