
कोलकाता, 30 अप्रैल . पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ पोलिंग बूथों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बटन से छेड़छाड़ की शिकायतों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को साफ संदेश दिया कि यदि किसी भी बूथ पर छेड़छाड़ साबित होती है, तो वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा.
सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल ने कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अभी स्क्रूटनी चल रही है. मेरे पास रिपोर्ट आने वाली है. हम किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं. 77 शिकायतें कंट्रोल रूम से आई थीं. हम जांच के बाद ही फैसला लेंगे कि कहां-कहां पुनर्मतदान की जरूरत है. जब जरूरत होगी, तभी री-पोल होगा. अभी जांच शुरू भी नहीं हुई है, तो गिरफ्तारी या एफआईआर की बात कहां से आती है? हमारा मुख्य काम चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करना है.”
सीईओ के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. विभिन्न दलों के नेताओं ने अपने-अपने दृष्टिकोण से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी.
भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने चुनाव प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा, “हमने पश्चिम बंगाल में ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं देखा. पूरे भारत ने भी शायद ऐसा शांतिपूर्ण चुनाव नहीं देखा होगा. इसलिए मैं ज्ञानेश कुमार, मनोज अग्रवाल और पूरी चुनाव आयोग की टीम को सलाम करती हूं. हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि राष्ट्रपति शासन लागू किए बिना भी इतना शांतिपूर्ण चुनाव कराया जा सकता है. एक भी हत्या नहीं हुई, कोई आगजनी नहीं हुई, कोई हिंसा नहीं हुई. पूरा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.”
उन्होंने मतदान प्रतिशत पर आश्चर्य जताते हुए कहा, “92 प्रतिशत, 94 प्रतिशत, 95 प्रतिशत और कहीं-कहीं तो 97 प्रतिशत तक मतदान हुआ. भारत ने पहले कभी ऐसे आंकड़े नहीं देखे. पहले कहा जाता था कि बंगाली लोग चुनाव के दिन को छुट्टी की तरह मनाते हैं, वे खाते-पीते हैं और आराम करते हैं. लेकिन इस बार बंगाल की जनता ने साबित कर दिया कि जब वे कोई फैसला कर लेते हैं, तो वह सुनामी की तरह आता है.”
अग्निमित्रा पॉल ने स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी पर भी बात की. उन्होंने कहा, “हमें भी 100 प्रतिशत भरोसा नहीं है, इसलिए निगरानी जरूरी है. हमें निगरानी करनी चाहिए, आपको भी करनी चाहिए. सीपीएम, कांग्रेस, आईएसएफ, जेयूपी सभी को निगरानी करनी चाहिए. राजनीति में आंख मूंदकर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए. हालांकि, हमें इस बात का पूरा विश्वास है कि इस बार जो चुनाव करवाया गया, वैसा 2021, 2024 या 2019 में कभी नहीं हुआ था.”
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एससीएच/एबीएम