‘ऐसा व्यवहार देश की संस्कृति के खिलाफ’, प्रधानमंत्री मोदी और इटली पीएम को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों पर भड़के एनडीए नेता

पटना, 14 अगस्त . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री को लेकर की गई टिप्पणियों पर एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है. एनडीए नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है.

से बातचीत करते हुए संजय सरागवी ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी की ओर से जिस तरह से टिप्पणी की गई, वह उनके संस्कारहीन, अश्लीलता और अभद्र व्यवहार को दर्शाता है. उनकी ओर जिस तरह से अश्लील टिप्पणी की गई, यह देश के लोग बर्दाश्त नहीं कर सकते. यह राहुल गांधी की नीचता की पराकाष्ठा है. ऐसी हरकत से राहुल गांधी के संस्कारों पर बड़ा सवाल उठता है.

संजय सरावगी ने आगे कहा कि आरएसएस को राहुल गांधी का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक ऐसा सामाजिक और राष्ट्रभक्त संगठन है जो लगातार आपदा और विपदा में देशवासियों की सेवा करता है. राहुल गांधी की भारत को समझ को लेकर भी प्रश्नचिन्ह है. जिस तरह से राहुल गांधी की ओर से अमर्यादित टिप्पणी की जाती है, जिस भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, वह भाषा भारत के लोगों की नहीं हो सकती है. राहुल गांधी को पहले खुद भारत को समझना चाहिए, फिर संघ पर टिप्पणी करें.

बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने से कहा, “कल खुले मंच पर राहुल गांधी और संदीप दीक्षित ने जैसा व्यवहार किया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, गंभीर और चिंता का विषय है. आप माननीय प्रधानमंत्री और एनडीए सरकार का विरोध कर सकते हैं; आप विपक्ष में हैं. दुनिया ने पहली बार इतना कमजोर और गैर-जिम्मेदार विपक्ष का नेता देखा है.” रामकृपाल यादव ने आगे कहा कि राहुल गांधी की ओर से एक महिला का मजाक उड़ाया गया, जो हमारे लिए सम्मान का स्वरूप है.

जदयू नेता श्याम रजक ने से बातचीत करते हुए कहा कि राहुल गांधी का जिस तरह का व्यवहार रहा, वह भारत के संस्कृति के खिलाफ है. इसकी जितनी निंदा की जाए, वह कम है. इस तरह की बातों से वे जनता के बीच स्थापित नहीं हो पाएंगे. भारत की सभ्यता कभी भी नारी का अपमान नहीं देखना चाहती है. उन्होंने जिस तरह से एक नारी का अपमान किया और प्रधानमंत्री को लेकर अपशब्द बोलकर दुर्व्यवहार किया, इसकी घोर निंदा करता हूं.

जदयू नेता राजीव रंजन ने से कहा, “राहुल गांधी लंबे समय से सदन के सदस्य रहे हैं, लेकिन उनके व्यक्तित्व में एक सांसद से अपेक्षित गंभीरता की कमी है. जिस तरह से उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री के बारे में एक सहयोगी के साथ हुई बातचीत को मजाक में बदलने की कोशिश की, वह विपक्ष के नेता की अपरिपक्वता को दर्शाता है. शायद यही मुख्य कारण है कि ‘इंडिया’ ब्लॉक और उसके सहयोगी दलों के कई नेता उनके बयानों को ज्यादा महत्व नहीं देते, जबकि सत्ता पक्ष उन्हें लगातार एक अपरिपक्व नेता के तौर पर देखता रहा है.”

एसडी/एएस