
रोहतक, 21 सितंबर . भारत की मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा कैटेगरी में विवादित फैसले के बाद ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. उनकी सास का मानना है कि सुचिका बेहतर नतीजे की हकदार थीं.
सुचिका मूलत: उत्तराखंड से हैं, उनकी परवरिश दिल्ली में, जबकि शादी हरियाणा में हुई. सुचिका ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने दोनों परिवार (ससुराल और मायका) को दिया है.
बहू की कामयाबी पर सुचिका तरियाल की सास ने कहा, “सुचिका ने शुरू से ही लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और मुकाबले में बनी रही हैं. 2022 में, वह चौथे स्थान पर रहीं, और तब भी उन्हें लगा कि वह बेहतर नतीजे की हकदार थीं. अब वह तीसरे स्थान पर रही हैं, हालांकि उन्हें लगा कि उन्हें दूसरा स्थान मिलना चाहिए था. मुझे नहीं पता कि वेट कैटेगरी का मूल्यांकन कैसे किया गया, लेकिन देश के लिए मेडल जीतने का उनका जज्बा हमेशा से मजबूत रहा है. परिवार के साथ उनका स्वभाव काफी अच्छा है.”
सुचिका के दादा-ससुर ने कहा, “हमें उनकी जीत का पूरा भरोसा था. उन्होंने बहुत मेहनत की. शादी से पहले भी वह कड़ी मेहनत कर रही थीं. इनकी छोटी बहन भी खिलाड़ी रही हैं, लेकिन वह ज्यादा कामयाबी हासिल नहीं कर सकीं. हमें पता था कि सुचिका शानदार खिलाड़ी हैं. ऐसे में हमने उन्हें घर की कोई भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी. हमने उन्हें अपना खेल खेलने दिया. वह हफ्ते-डेढ़ हफ्ते में घर आती हैं, सभी से मिलती हैं. उनका स्वभाव काफी अच्छा है.”
हालांकि, सुचिका इस मेडल से नाखुश हैं. सुचिका सिंगापुर की हुई हून टून के खिलाफ सेमीफाइनल में फाइट पर दबदबा बनाने के बावजूद हार के फैसले से निराश नजर आईं. फैसले के बाद उन्होंने आर्बिट्रेशन के लिए विरोध जताया. आर्बिट्रेशन के दौरान, जजों ने मुकाबले की समीक्षा की और इसे ड्रॉ घोषित कर दिया.
एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन (एएमएमए) के नियमों के अनुसार, ड्रॉ की स्थिति में कम वजन वाली फाइटर को विजेता घोषित किया जाता है. सुचिका ने इस विवादित फैसले और आर्बिट्रेशन के बाद मेडल गंवाने पर नाराजगी जताते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
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आरएसजी