तरुण तेजपाल मामले में कांग्रेस पर बरसे सुधांशु त्रिवेदी, कहा-राष्ट्रवाद को रोकने की साजिशों का हुआ खुलासा

नई दिल्ली, 10 अगस्त . भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने तहलका मैगजीन के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल को रेप केस में 10 साल की सजा सुनाए जाने पर कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद के महामेरु पर वार बहुत ही हल्का था और राष्ट्रवाद को रोकने के लिए साजिशों का तहलका था, जो आज पूरी तरह से एक्सपोज हो गया है.

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अभी हाल ही में तहलका मैगजीन के एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल को मुंबई हाईकोर्ट की गोवा खंडपीठ द्वारा 2013 के बलात्कार के एक आरोप में दोषी पाया गया और उन्हें 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. ये विषय आज इसलिए महत्वपूर्ण है कि इतने दिन गुजर जाने के बाद भी एक भी शब्द कांग्रेस की तरफ से सुनाई नहीं पड़ा है. न किसी विपक्षी की तरफ से, न ही किसी विपक्षी दल की ओर से और न ही स्वयं को नारी हितों का स्वयंभू रक्षक बताने वाले किसी भी संस्थान की ओर से कुछ सुनाई पड़ा है. यह दर्शाता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो या नारी की प्रताड़ना, इन विषयों पर सोच कितनी एकांगी, एकपक्षीय और पूर्वाग्रहग्रस्त है.

उन्होंने कहा कि ये वही बिजनेस हाउस है, जिसने विचित्र प्रकार का स्टिंग ऑपरेशन किया था. जब अटल जी की सरकार ने जस्टिस फूकन की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया, तो यह एक ऐसा अवसर था जब स्टिंग करने वाले ग्रुप ने पूरे टेप्स को वैरिफाई करने के लिए देने से मना कर दिया. इससे ज्यादा संदेह और उत्पन्न नहीं हो सकता. जब जांच की रिपोर्ट आई, तब तक सरकार बदल चुकी थी और कांग्रेस सरकार ने उस जांच रिपोर्ट को सदन के पटल पर कभी रखा ही नहीं. भाजपा द्वारा विषय उठाने पर 41 पेज की समरी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई. आज जब अपराधी दोष सिद्ध हो चुके हैं, तो मैं याद दिलाना चाहता हूं कि इनका और कांग्रेस का क्या संबंध है.

उन्होंने कहा कि यूपीए के समय में कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी ने 25–27 सितंबर 2004 को तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम साहब को पत्र लिखा कि तहलका और उसके फाइनेंसर के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना नहीं होनी चाहिए. उनके साथ सकारात्मक व्यवहार होना चाहिए. मैं आज कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या उस समय आपकी सरकार अनफेयर ट्रीटमेंट कर रही थी?

उन्होंने कहा कि 2010 में तत्कालीन कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने इन्हें जर्नलिज्म में एक्सिलेंस अवार्ड दिया. आज इनकी यह स्थिति है और आपके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने 2013 में कहा था कि तेजपाल ने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ाई में बेहतरीन काम किया है. यूपीए के समय में जब 2021 में तरुण तेजपाल को निचली अदालत से बरी कर दिया गया था, तब उन्होंने अपनी मदद करने के लिए कांग्रेस को धन्यवाद दिया था, कि उन्होंने इस रेप केस में उनकी बहुत मदद की. अब भाजपा, कांग्रेस से पूछना चाहती है कि आप स्पष्ट रूप से बताएं कि आप दोनों में क्या संबंध था. कांग्रेस पार्टी हमेशा से आपराधिक प्रवृत्ति के संदिग्ध लोगों को मीडिया में प्रयोग करके राष्ट्रवादी सरकारों के खिलाफ साजिश करती है. कानूनी मदद देती है, जब वह सजायाफ्ता हो जाते हैं तो उनकी आवाज चुप हो जाती है. सवाल यह है कि कांग्रेस ने तेजपाल मामले में जवाब क्यों नहीं दिया.

भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस यह भी कह सकती थी हमारा कुछ भी लेना देना नहीं है लेकिन कुछ तो कहना चाहिए. अटल सरकार को बदनाम करने की साजिश कांग्रेस रचती थी और आज भी सरकार को बदनाम करने की उनकी साजिश जारी है.

भाजपा सांसद ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि झारखंड में छात्र अपने मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, आरोप वहां यह नहीं है कि पेपर लीक हुआ है. वहां पर आरोप है कि सरकार के साथ सेटिंग करके लोग नौकरी देते थे और हैरानी वाली बात यह है कि सरकार नियुक्ति पत्र प्रदान करती थी.

उन्होंने कहा कि झारखंड में बहुत से छात्रों के पास अब विकल्प नहीं है. कई छात्रों की उम्र सीमा किसी भी तैयारी के लिए खत्म हो रही है. मैं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें रांची के छात्रों की गूंज नहीं सुनाई पड़ रही है. कोटा से लेकर प्रयागराज जाने वाले राहुल गांधी रांची क्यों नहीं जाते हैं. इससे साफ होता है कि वह सिर्फ अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए ऐसा कर रहे हैं.

डीकेएम/पीएम