कर्नाटक मंत्री सतीश जारकीहोली के समर्थकों का बेंगलुरु और गोकाक में ईडी छापों के खिलाफ प्रदर्शन

बेंगलुरु, 11 सितंबर . कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के समर्थकों ने शुक्रवार को बेंगलुरु और गोकाक में प्रदर्शन किया और मंत्री से जुड़े परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी की निंदा की.

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में सैकड़ों समर्थक शुगर कारोबारी जारकीहोली के समर्थन में जुटे और अपने नेता के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए. उन्होंने ऐसे पोस्टर भी पकड़े हुए थे जिन पर लिखा था, “हम हमेशा आपके साथ हैं” और “अहिंदा नेता के खिलाफ साजिश की हम निंदा करते हैं.”

प्रदर्शनकारियों ने ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की और आरोप लगाया कि जारकीहोली के खिलाफ की गई छापेमारी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है.

जारकीहोली के गढ़ गोकाक में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए, जहां उनके समर्थकों ने बसवा सर्किल में मानव शृंखला बनाकर ईडी की कार्रवाई का विरोध किया.

बेंगलुरु में इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री केएच मुनियप्पा ने आरोप लगाया कि ईडी का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है और एजेंसी को राजनीति में शामिल नहीं होना चाहिए.

मुनियप्पा ने कहा, “सतीश जारकीहोली के खिलाफ छापेमारी लोकतंत्र की हत्या के समान है.” उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का इस्तेमाल उन लोगों के खिलाफ किया जा रहा है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं और भाजपा में शामिल होने से इनकार करते हैं.

उन्होंने कहा, “अगर वे उचित तरीके से छापेमारी करना चाहते हैं तो करें. अगर कोई समस्या है या स्पष्टीकरण की जरूरत है तो कानून के अनुसार कार्रवाई करें लेकिन पूरे देश में अनुचित तरीके से छापेमारी करना राजनीति है. यह आपराधिक और निंदनीय है.”

मुनियप्पा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा, ईडी के माध्यम से राजनीतिक गतिविधियां चला रही है और दावा किया कि Supreme Court की आलोचना के बावजूद एजेंसी ने कोई सबक नहीं सीखा है.

उन्होंने कहा कि उद्योगपति जारकीहोली तलाशी के दौरान मिली नगदी का हिसाब देंगे, जरूरी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेंगे और आरोपों का जवाब कानूनी माध्यमों से देंगे. उन्होंने दावा किया कि 2029 के चुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी.

मुनियप्पा ने कहा कि ईडी की छापेमारी से जारकीहोली डरने वाले नहीं हैं और न ही उन्हें झुकाया जा सकता है.

ये प्रदर्शन उस समय हुए हैं जब ईडी ने अपनी जांच के सिलसिले में शुगर कारोबारी जारकीहोली से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. इन छापों के बाद सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि विपक्ष ने मंत्री से ईडी की कार्रवाई पर जवाब मांगा है.

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद भी बेंगलुरु में हुए प्रदर्शन में शामिल हुए.

एएमटी/वीसी