Supreme Court बार एसोसिएशन ने दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों का किया समर्थन, पुलिस के बर्ताव की निंदा

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर . Supreme Court बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने बुधवार को दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ पुलिस अधिकारियों के कथित डराने-धमकाने वाले बर्ताव की कड़ी निंदा की. इस मामले में एक पुलिस अधिकारी द्वारा वकीलों को डराने के लिए रिवॉल्वर दिखाने की खबर भी शामिल है.

बुधवार को पारित किए गए एक प्रस्ताव में, Supreme Court बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने कथित व्यवहार को गलत बताया और कहा कि इससे वकीलों की गरिमा, आजादी और सुरक्षा को गंभीर खतरा है, साथ ही यह न्यायपालिका का अपमान भी है.

प्रस्ताव में कहा गया, “कानून के शासन से चलने वाले समाज में, जो वकील सही तरीके से न्याय की मांग कर रहे हैं, उन्हें डराने के लिए बंदूक का इस्तेमाल करना या उसे दिखाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.”

दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों के साथ एकजुटता दिखाते हुए, Supreme Court बार एसोसिएशन ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर काम से डराने-धमकाने या उसमें रुकावट डालने की कोई भी कोशिश कानूनी पेशे की आजादी और न्याय प्रशासन पर हमला है.

Supreme Court बार एसोसिएशन ने कहा, “Supreme Court बार एसोसिएशन कानून के हिसाब से गलती करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई की मांग करता है.” यह प्रस्ताव Supreme Court बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी की ओर से ऑनरेरी सेक्रेटरी प्रज्ञा बघेल ने जारी किया.

बार बॉडी ने दोहराया कि इस तरह के कथित व्यवहार से सख्ती से निपटा जाना चाहिए और इस बात पर जोर दिया कि वकीलों को बिना किसी डर या धमकी के अपनी पेशेवर जिम्मेदारियां निभानी चाहिए.

इस बीच, दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने उस एसीपी को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है, जिसने कथित तौर पर अपनी रिवॉल्वर दिखाई और जवाबदेही की मांग करने पुलिस स्टेशन पहुंचे वकीलों को धमकाया. कमेटी ने संबंधित एसएचओ को निष्पक्ष जांच होने तक सस्पेंड करने की भी मांग की है.

विरोध में, कोऑर्डिनेशन कमेटी के एकमत प्रस्ताव के बाद, वकीलों ने मंगलवार (27 अक्टूबर) को राष्ट्रीय राजधानी की सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में न्यायिक कार्य नहीं किया.

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एसडी/एएस