
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएश). पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से बरी किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर Supreme Court ने सोमवार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने इस मामले में गुरमीत राम रहीम और और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
Supreme Court में 16 नवंबर से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई होगी. Supreme Court ने कहा कि राज्य सरकार अपील में नहीं आई है. छत्रपति के बेटे ने हाईकोर्ट के फैसले को Supreme Court में चुनौती दी है.
मार्च 2026 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के 2002 के पुराने मामले में बरी कर दिया था. अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए निचली अदालत के उम्रकैद के फैसले को पलट दिया. हालांकि, इस मामले में शामिल अन्य तीन दोषियों की सजा बरकरार रखी गई थी.
बता दें कि अक्टूबर 2002 में छत्रपति को उनके घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी. इलाज के दौरान 21 नवंबर 2002 को उनकी मृत्यु हो गई थी. छत्रपति की हत्या के मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने जनवरी 2019 में राम रहीम और कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई थी.
डेरा प्रमुख और अन्य सह-आरोपियों ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया था, जबकि अन्य की सजा बरकरार रखी थी.
राम रहीम 2017 में बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से भी सुर्खियों में रहा है. इस दौरान वह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आया, जिस पर काफी हो हल्ला भी हुआ. जेल के बाहर आने के दौरान वह उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा के आश्रम में रहता है. सिरसा में मुख्यालय वाले डेरा सच्चा सौदा संगठन के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य क्षेत्रों सहित कई उत्तरी राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं.
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ओपी/एएस