कर्नाटक में इबोला का संदिग्ध मामला निगेटिव पाया गया : दिनेश गुंडूराव

बेंगलुरु, 27 मई . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडूराव ने बुधवार को इबोला वायरस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राज्य में इबोला वायरस से जुड़ा मामला सामने आया था लेकिन राहत की बात यह रही कि जांच में इसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है. साथ ही, उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जांच के बाद अभी तक किसी के भी इबोला वायरस से संक्रमित होने की जानकारी सामने नहीं आई है.

उन्होंने कहा, “राज्य में जांच के बाद इबोला वायरस से जुड़ी रिपोर्ट नेगेटिव आई है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जिस व्यक्ति के इबोला वायरस से संक्रमित होने की बात कही जा रही थी, उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है.”

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से जारी किए गए नियमों का सख्ती से पालन किया जाए. स्वास्थ्य विभाग मौजूदा स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. इसके इतर, स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को देखते हुए हर प्रकार का कदम उठाने के लिए तैयार है.

उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग मौजूदा समय में स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. विभाग लोगों की सुरक्षा को देखते हुए हर प्रकार के जरूरी निर्णय लेने के लिए तैयार है.

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें बिल्कुल भी घबराने की जरुरत नहीं है. उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वो स्वास्थ्य विभाग और सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन करें.

बता दें कि एक 28 वर्षीय महिला युगांडा से बेंगलुरु पहुंची थी. इबोला वायरस की जांच के बाद उसे आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशानिर्देशों के बाद कर्नाटक स्वास्थ्य ने राज्यभर में निगरानी तेज कर दी है. डब्ल्यूएचओ की ओर से यह दिशानिर्देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप के बाद जारी किया गया है. इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से युगांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इबोला वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए बेंगुलरू स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज को आइसोलेट सेंटर के रूप में घोषित कर दिया गया है. वहीं, महामारी रोग अस्पताल को क्वाराइंटिन और ट्रीटमेंट सेंटर के रूप में घोषित किया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इबोला वायरस से जुड़े सैंपल को एकत्रित करके बेंगलुरु के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में भेजा जाएगा. इसके बाद उसे पुणे के एनआईवी में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि वो वैश्विक स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है. साथ ही, विभाग का दावा है कि वो हर प्रकार की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

एसएचके/पीएम