
नई दिल्ली, 1 मई . पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शुक्रवार को विधानसभा सत्र में नशे की हालत में शामिल होने के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. विभिन्न दलों के नेताओं ने इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के आचरण पर सवाल उठाए हैं.
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवंत मान नशे की हालत में पंजाब विधानसभा पहुंचे और वहां भाषण दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का ऐसा व्यवहार कैसे स्वीकार्य हो सकता है. मालीवाल ने यह भी दावा किया कि जब वह धार्मिक स्थलों जैसे गुरुद्वारा या मंदिर जाते हैं, तब भी नशे की स्थिति में होते हैं. उन्होंने कहा कि जब भगवंत मान लोकसभा सदस्य थे, तब उनके साथियों के बीच भी उनके शराब सेवन को लेकर चर्चा होती थी.
मालीवाल ने कहा कि भगवंत मान की ड्रिंकिंग प्रॉब्लम व्यक्तिगत नहीं है. वह हमारे देश के बहुत ही संवेदनशील बॉर्डर स्टेट, जिसकी सीमाएं पाकिस्तान से मिलती हैं, उस राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री हैं. ये महत्वपूर्ण फाइलें भी नशे में साइन करते हैं. इस बात का फायदा सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल उठाते हैं, जोकि पंजाब को रिमोट सरकार से चला रहे हैं. उन्होंने पंजाब को अपना पर्सनल एटीएम मान लिया है.
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि भगवंत मान का तुरंत एल्कोहल टेस्ट हो. मुझे जानकारी मिली है कि स्पीकर ने इसे रद कर दिया है. इन पर कार्रवाई करते हुए बर्खास्त करना चाहिए.
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब भगवंत मान इस तरह के आरोपों में घिरे हैं. उन्होंने 2015, 2019 और 2022 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पहले भी सार्वजनिक मंचों पर उनके नशे में होने की बातें सामने आती रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 2019 में भगवंत मान ने सार्वजनिक रूप से अपनी मां की कसम खाकर शराब न पीने का वादा किया था.
कांग्रेस नेता शमा मोहम्मद ने भी इसी तरह के आरोप दोहराते हुए कहा कि यह बात किसी से छिपी नहीं है कि भगवंत मान शराब पीते हैं. उन्होंने दावा किया कि सांसद रहते हुए भी वह शराब के नशे में संसद पहुंचते थे.
इसी क्रम में, शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष परंबंस सिंह रोमाना ने कहा कि यह केवल आरोप भर नहीं है, बल्कि ऐसे वीडियो सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर सामने आए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री की हालत स्पष्ट दिखाई देती है. उन्होंने कहा कि विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण और पवित्र स्थान पर इस तरह की स्थिति चिंताजनक है. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ विधायकों ने स्पीकर से सभी सदस्यों का एल्कोमीटर टेस्ट कराने की मांग की है.
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एएसएच/वीसी