तमन्ना खातून हत्याकांड: बंगाल सरकार ने पीड़ित परिवार की अपील पर सरकारी वकील को बदला

कोलकाता, 26 जून . पश्चिम बंगाल सरकार ने नाबालिग तमन्ना खातून मर्डर केस में परिवार की मांग पर सरकारी वकील (लोक अभियोजक) बदल दिया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

इस मामले में पहले सुबेदी सान्याल सरकारी वकील थे, जिनकी जगह बिवास चट्टोपाध्याय को चुना गया है. बिवास चट्टोपाध्याय ऐसे मामलों में आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए जाने जाते हैं.

नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़िता की मां सबीना यास्मीन शेख के अनुरोध पर चट्टोपाध्याय को इस केस में अभियोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, “उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कई बार मांग की थी कि इस केस में बिवास चट्टोपाध्याय को अभियोजक नियुक्त किया जाए. उन्होंने इस बारे में लिखित अनुरोध भी किया था, लेकिन किसी न किसी वजह से उनकी मांग नहीं मानी गई.”

अधिकारी ने बताया कि इस हफ्ते की शुरुआत में पीड़िता की मां सबीना यास्मीन शेख ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी और केस में जल्द न्याय की गुहार लगाई थी.

अधिकारी ने कहा, “मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान पीड़िता की मां ने पुराने अभियोजक को हटाकर बिवास चट्टोपाध्याय को नियुक्त करने की अपनी मांग दोहराई. मुख्यमंत्री ने मांग को स्वीकार किया और जरूरी निर्देश दिए. आखिरकार चट्टोपाध्याय को इस केस में अभियोजन की जिम्मेदारी सौंप दी गई.”

इसके बाद, तमन्ना की मां ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने केस में लंबे समय से फरार पांच आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और चट्टोपाध्याय को अभियोजक नियुक्त करने का उनका अनुरोध मानने के लिए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का आभार जताया.

बता दें कि नादिया जिले के कालीगंज की निवासी नाबालिग लड़की की पिछले साल 23 जून को एक धमाके में मौत हुई थी. इसका परिवार सीपीएम का समर्थक था. सबीना यास्मीन शेख ने बीते दिनों हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कालीगंज से सीपीएम उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में टीएमसी की अलीफा अहमद ने जीत हासिल की.

रिपोर्ट्स के अनुसार, जीत के जुलूस के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने नाबालिग लड़की के घर पर देसी बम फेंके, जिससे तमन्ना खातून की मौके पर ही मौत हो गई थी.

डीसीएच/