
नई दिल्ली, 20 अगस्त . पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल ने पूर्व सहयोगी से दुष्कर्म के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा को Supreme Court में चुनौती दी है.
वहीं, 18 अगस्त को गोवा सरकार ने भी इसी मामले में Supreme Court में अर्जी दाखिल की थी. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से तेजपाल को मिली सजा बढ़ाने की मांग की थी.
यह मामला साल 2013 का है. तरुण तेजपाल पर आरोप था कि उन्होंने गोवा के एक लग्जरी होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर सहयोगी के साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया. शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने उनके खिलाफ दुष्कर्म समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था. नवंबर 2013 में तेजपाल को गिरफ्तार किया गया था.
मई 2021 में मापुसा की सत्र अदालत ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था.
लेकिन गोवा सरकार ने इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी. 6 अगस्त 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलटते हुए तेजपाल को दोषी ठहराया.
अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दोषी मानते हुए 10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी.
सजा सुनाए जाने के बाद 18 अगस्त को गोवा सरकार ने Supreme Court का रुख किया. सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की सजा पर्याप्त नहीं है. दोषी को और कड़ा दंड मिलना चाहिए.
वहीं दूसरी तरफ तरुण तेजपाल ने भी Supreme Court में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के फैसले और 10 साल की सजा को चुनौती दी है.
अब Supreme Court में एक तरफ दोषी सजा कम करने की मांग करेगा और दूसरी तरफ राज्य सरकार सजा बढ़ाने की मांग करेगी.
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