
गांधीनगर, 28 जुलाई . गुजरात सरकार के कौशल विकास कार्यक्रम युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहे हैं. आधुनिक तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण, उद्योगों से सीधा जुड़ाव और बेहतर प्लेसमेंट व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में युवा आत्मनिर्भर बन रहे हैं. गुजरात स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं ने राज्य में स्किल आधारित रोजगार को नई दिशा दी है.
राज्य के 70 से अधिक सरकारी, ग्रांटेड और सेल्फ-फाइनेंस्ड औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में 11 नए युग के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं. इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग, मेकाट्रॉनिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक विषय शामिल हैं. इन कोर्सों के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है.
प्रशिक्षण केंद्रों में आधुनिक लैब, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को विभिन्न कंपनियों से जोड़ने के साथ-साथ प्लेसमेंट सहायता भी दी जाती है. यही वजह है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लगभग 90 प्रतिशत युवाओं को रोजगार मिल रहा है.
गांधीनगर के लाभार्थी नीरज मिश्रा ने से बात करते हुए बताया कि उन्होंने आईटीआई के माध्यम से मैकेनिकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहां उन्हें टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर तकनीक की विस्तृत जानकारी दी गई. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें चेतक कंपनी में नौकरी मिली है, जहां उनकी शुरुआती मासिक सैलरी 14,000 रुपये होगी. उनका कहना है कि कौशल प्रशिक्षण ने उनके करियर को नई दिशा दी है.
जिला कौशल विकास अधिकारी एन.वी. देसाई ने से बात करते हुए बताया कि आईटीआई कुबेरनगर से इस वर्ष 1,436 प्रशिक्षु पास आउट होने वाले हैं. इनमें से नौकरी करने के इच्छुक 1,238 विद्यार्थियों को विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट मिल चुका है. इस प्रकार संस्थान का प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगभग 90 से 92 प्रतिशत रहा है. शेष 198 प्रशिक्षु आगे की पढ़ाई, स्वयं का व्यवसाय शुरू करने या अन्य लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं.
गुजरात स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत नमो गुजरात कौशल एवं रोजगार मिशन, आईटीआई का आधुनिकीकरण, सक्षम-केवीके 2.0 और सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इसके साथ ही केंद्र सरकार की नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को भी राज्य के आईटीआई और प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार उभरते उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है. आधुनिक तकनीक, नवाचार और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य सरकार ‘विकसित गुजरात, विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है.
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एसएके/पीएम