रैली खत्म हो चुकी है, अब बिना डर दिल्ली आएं खरीदार और व्यापारी: एआईएमटीसी के अध्यक्ष

नई दिल्ली, 2 नवंबर . ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (एआईएमटीसी) के अध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने सोमवार को इंडिया गठबंधन की रैली के कारण व्यापारियों को हुए नुकसान पर चिंता जताई है. इसके साथ ही उन्होंने खरीदारों और व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि रैली अब समाप्त हो चुकी है; अब व्यापारी और खरीदार बिना किसी डर के दिल्ली आएं और खरीदारी करें.

न्यूज एजेंसी से बातचीत में एआईएमटीसी के अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को रैली, धरना और प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन ऐसे आयोजनों की तारीख तय करते समय व्यापारिक हितों और त्योहारी सीजन को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. उनका कहना है कि दिवाली से पहले का समय व्यापारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है और ऐसे समय में किसी भी तरह का व्यवधान सीधे कारोबार पर असर डालता है.

से बात करते हुए राजेंद्र कपूर ने कहा कि व्यापारिक संगठनों ने जो पत्र जारी किया है, उसमें केवल यह बताया गया है कि रैली से क्या हासिल हुआ और व्यापार जगत ने क्या नुकसान उठाया.

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दृष्टि से विपक्षी दलों को अपना संदेश देने और अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का अवसर मिला होगा, लेकिन व्यापारियों की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.

कपूर ने कहा, “यदि राजनीतिक उद्देश्य हासिल करना ही मकसद था, तो इसके लिए कोई दूसरी तारीख भी चुनी जा सकती थी.”

उन्होंने अपील की कि भविष्य में सभी राजनीतिक दल अपने कार्यक्रमों की योजना बनाते समय व्यापारिक कैलेंडर और त्योहारी सीजन को ध्यान में रखें, ताकि कारोबार और रोजगार पर अनावश्यक असर न पड़े.

इसके साथ ही, राजेंद्र कपूर ने देशभर के व्यापारियों, ग्राहकों और खरीदारों से अपील करते हुए कहा कि अब रैली समाप्त हो चुकी है और उसमें शामिल लोग अपने-अपने स्थानों पर लौट चुके हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल दिवाली तक दिल्ली में किसी बड़े प्रदर्शन या रैली की संभावना नहीं है, इसलिए लोगों को किसी प्रकार की आशंका नहीं रखनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “हम पूरे देश के व्यापारियों, उपभोक्ताओं और खरीदारों से हाथ जोड़कर अपील करते हैं कि वे कल से सामान्य रूप से दिल्ली आएं और कारोबार शुरू करें. अब किसी तरह की रुकावट या व्यवधान की आशंका नहीं है. व्यापार और खरीदारी का माहौल सामान्य बनाया जाना जरूरी है, ताकि त्योहारी सीजन में हुए नुकसान की कुछ भरपाई हो सके.”

इससे पहले, रविवार को कपूर ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में राजनीतिक गतिविधियां आवश्यक हैं, लेकिन साथ ही व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों की निरंतरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.

उन्होंने बताया कि यदि बड़ी रैलियों और प्रदर्शनों के कारण बाजार, परिवहन और सप्लाई चेन प्रभावित होती है, तो उसका असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लाखों कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टरों, छोटे कारोबारियों और उपभोक्ताओं पर भी पड़ता है.

उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा संतुलन बनाया जाना चाहिए, जिससे लोकतांत्रिक अधिकार भी सुरक्षित रहें और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों.

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डीबीपी