
हरिद्वार, 8 जुलाई . अयोध्या के राम मंदिर मामले के बाद बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों के बीच संत समाज की कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई. इसी बीच परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि हर घर में सनातन धर्म के मूल्यों को अपनाने की जरूरत है. हमें गर्व है कि हमारे पास ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने विश्व भर में भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया है.
से स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और जरूरत पड़ने पर निलंबित भी किया जाए. लेकिन, किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि आज हर घर में सनातन धर्म के मूल्यों को अपनाने की जरूरत है, क्योंकि जिस तरह का माहौल बन रहा है, जैसी बातें फैलाई जा रही हैं और जैसी सोच बनाई जा रही है, उसे देखते हुए यह जरूरी है. ऐसे समय में, मुझे लगता है कि हमें भरोसा रखना चाहिए कि इस देश के पास एक खास और समर्पित प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति के लिए बेहतरीन काम किए हैं. कई बार, जब ऐसी बातें फैलाई जाती हैं, तो समाज में कन्फ्यूजन, गलत जानकारी और अफवाहें फैलती हैं. अब समय आ गया है कि हम अफवाहों से दूर रहें और इसके बजाय अपने विश्वास को मजबूत करें.
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बद्रीनाथ मंदिर मामले पर कहा कि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है. हमें बस कुछ जानकारी मिली थी और फिर यह सोशल मीडिया पर आ गई. मैं कहना चाहूंगा कि किसी को भी ऐसी अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए. अगर कोई गलती हुई है, तो उसे सुलझाने के लिए सही तरीके मौजूद हैं. लोगों को सीधे मीडिया के पास आकर जनता को गुमराह करने के बजाय सही तरीकों से मामले पर बातचीत करनी चाहिए. एक बार भरोसा टूट जाए, तो उसे फिर से बनाना बहुत मुश्किल होता है. यह अच्छी बात है कि बीकेटीसी के चेयरमैन ने तुरंत एक जांच समिति बनाई. मुझे यह भी पता चला है कि समिति के सचिव को हटा दिया गया है.
जैन धर्मगुरु लोकेश मुनि महाराज ने कहा कि मैं फिर से कहना चाहूंगा कि जहां बड़े संस्थान होते हैं, वहां ऐसी घटनाएं हो सकती हैं. लेकिन, ऐसी घटनाओं को जारी नहीं रहने दिया जा सकता. हमारे देश में कानून, संविधान और शासन की उचित व्यवस्था है. मैं सिर्फ उस खास जगह की बात नहीं कर रहा हूं. आस्था के किसी भी केंद्र में ऐसी घटना होने पर उसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उचित इंतजाम किए जाने चाहिए, और अगर ऐसी घटना हो जाए, तो चोरी हुई संपत्ति या पैसे भी बरामद किए जाने चाहिए. देश कानून और संविधान से चलता है. राम जी का मंदिर आस्था का स्थान है, राम तो भारत की आत्मा हैं. वहां कोई चोरी करे तो भक्तों को ठेस पहुंचती है, दोषियों को कठोरतम सजा भी मिलेगी. भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, मुझे लगता है कि ट्रस्ट और सरकार भी मिलकर ऐसी व्यवस्था करेगी.
देवभूमि रक्षा अभियान के संस्थापक स्वामी दर्शन भारती ने कहा कि चोरी काफी समय से हो रही है. अगर उत्तराखंड सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराती है, तो इसमें केदारनाथ मंदिर का मामला भी शामिल किया जाना चाहिए. केदारनाथ मंदिर में सोने की चोरी, जिसने सबका ध्यान खींचा था, उसे भी जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए.
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डीकेएम/एबीएम