सिद्दारमैया के दिल्ली दौरे के पीछे कोई नाराजगी नहीं, नाराज होते तो इस्तीफा नहीं देते : कर्नाटक डिप्टी सीएम

बेंगलुरु, 11 सितंबर . कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य सिद्दारमैया के दिल्ली दौरे के पीछे कोई नाराजगी नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर वह नाखुश होते तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते.”

गौरतलब है कि सिद्दारमैया गुरुवार रात दिल्ली पहुंचे थे और उनके इस दौरे ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में, खासकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के अंदर, चर्चा तेज कर दी है.

बेंगलुरु में अपने आवास के पास मीडिया से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा कि सिद्दारमैया ने हमेशा कहा था कि वह पार्टी हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे. इसी के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया.

उन्होंने कहा, “वह चैप्टर खत्म हो चुका है. एक ही मुद्दे पर बार-बार चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है. सिद्दारमैया फिलहाल कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं, इसलिए उनका दिल्ली जाना उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियों का स्वाभाविक हिस्सा है. इसका कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए.”

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने 100 दिन पूरे कर लिए हैं. हमारे सामने कई चुनौतियां हैं. हम आत्मविश्वास खोए बिना उनका सामना करेंगे और अच्छा शासन देना जारी रखेंगे.

जी. परमेश्वर ने कहा कि पार्टी ने तय किया था कि एपेक्स बैंक के अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से होना चाहिए और चुनाव से बचा जाना चाहिए. इसी के अनुसार अंतिम चरण में कांग्रेस एमएलसी एस. रवि (सीएम शिवकुमार के रिश्तेदार) को चुना गया. निर्णायक बैठक में पूर्व मंत्री केएन राजन्ना (सिद्दारमैया के करीबी) भी मौजूद थे और उनकी सहमति से ही चयन किया गया. इसलिए इस मामले में किसी तरह की नाराजगी का सवाल ही नहीं है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या एपेक्स बैंक अध्यक्ष का पद 2.5-2.5 साल के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले के तहत तय हुआ है और क्या बाद में कांग्रेस सत्ता में नहीं रही तो केएन राजन्ना को मौका नहीं मिलेगा, तो जी. परमेश्वर ने कहा कि एपेक्स बैंक एक स्वतंत्र और गैर-पक्षपातपूर्ण संस्था है. इसके बोर्ड के निदेशक भविष्य में उचित निर्णय लेंगे.

बता दें कि किसी राज्य के सहकारी बैंकिंग ढांचे में सबसे शीर्ष (उच्चतम) स्तर पर स्थित बैंक को एपेक्स बैंक या राज्य सहकारी बैंक कहा जाता है.

तुमकुरु जिले के पावागडा में नक्सली गतिविधि से जुड़े पोस्टर मिलने की खबरों पर जी. परमेश्वर ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. मैं आज तुमकुरु जा रहा हूं और एसपी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करूंगा. अगर ऐसी गतिविधि की पुष्टि होती है तो अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे.

उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक को नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने के बाद कारकला स्थित एंटी-नक्सल फोर्स को पूरी तरह से भंग नहीं किया गया था. आधी फोर्स को सांप्रदायिक गड़बड़ी से निपटने के लिए स्पेशल एक्शन फोर्स में बदला गया, जबकि बाकी आधी एंटी-नक्सल फोर्स के रूप में काम कर रही है. अगर पावागडा में नक्सली गतिविधि की पुष्टि होती है तो हम तुमकुरु में एंटी-नक्सल फोर्स तैनात करेंगे.

जी. परमेश्वर ने कहा कि बेघर पूर्व सैनिकों को भी राज्य सरकार के हर जिले में 50,000 आवासीय साइट बांटने के कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा. पहले चरण में अगले दो महीनों में पूरे राज्य में 5 लाख साइटें बांटी जाएंगी.

वीकेयू/एएस