ऑफ-सीजन जैसी कोई चीज नहीं होती, श्रेयस सबसे बेहतरीन सोच वाले खिलाड़ियों में से एक: ट्रेवर गोंसाल्वेस

नई दिल्ली, 13 अगस्त . 2014 में फाइनल खेलने के बाद पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) का प्रदर्शन अगले कुछ सीजन लगातार खराब रहा. हालांकि, साल 20025 में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम ने जबरदस्त खेल दिखाया और फाइनल तक का सफर तय किया. भले ही टीम खिताब जीतने से चूक गई, लेकिन अपने प्रदर्शन से पंजाब किंग्स ने हर किसी को खासा प्रभावित किया.

आईपीएल 2026 का आगाज तो पंजाब किंग्स ने धमाकेदार अंदाज में किया, लेकिन टीम अपनी इस फॉर्म को दूसरे हाफ में बरकरार नहीं रख सकी. लगातार 6 हार के चलते टीम प्लेऑफ में पहुंचने में नाकाम रही. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2027 में अभी काफी समय है, लेकिन पीबीकेएस ने न्यू चंडीगढ़ में चल रहे ऑफ-सीजन कैंप के जरिए तैयारी शुरू कर दी है.

‘ ’ के साथ एक खास बातचीत में पंजाब किंग्स के सहायक कोच ट्रेवर गोंसाल्वेस ऑफ-सीजन कैंप के पीछे की वजहों, खिलाड़ियों को शार्प और मैच के लिए तैयार रखने की अलग-अलग जरूरतों, फ्रेंचाइजी के विकास, श्रेयस अय्यर की सकारात्मक लीडरशिप के साथ और कई चीजों के बारे में बात की.

सवाल: इस ऑफ-सीजन कैंप के जरिए आप किन मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं?

जवाब: आज के समय में, मैं ऑफ-सीजन जैसी कोई चीज नहीं मानता. क्रिकेट तो पूरे साल खेला जाता है, और आपको पता होगा कि कुछ ही दिनों में ‘शेर-ए-पंजाब’ भी शुरू होने वाला है, और हमारे साथ पंजाब के कुछ खिलाड़ी भी हैं. कई और स्टेट लीग भी चल रही हैं या शुरू होने वाली हैं.

केरल प्रीमियर लीग चल रही है और आंध्र वाली अभी खत्म हुई है. अब यूपी प्रीमियर लीग है, और असल मकसद खिलाड़ियों को फिट और खेल के टच में रखना है. हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हमारे खिलाड़ी आने वाले इन सभी टूर्नामेंट्स में अच्छा प्रदर्शन करें.

इसके साथ ही आपने यह भी देखा होगा कि हमारे कुछ खिलाड़ियों को भारतीय टीम में जगह मिली है. इसी वजह से मकसद उन्हें फिट और खेल के टच में रखना है. अच्छी बात है कि हम 25 दिन या एक महीने के दौरान लगभग एक हफ्ते के लिए साथ आते हैं. ऐसे में यह एक अच्छा समय है जो आईपीएल तक चलता रहेगा.

सवाल: इस कैंप में प्रभसिमरन सिंह, शशांक सिंह और नेहल वढेरा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. आप इन खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग तकनीकी काम कैसे तय करते हैं, जो अपने करियर के बहुत अलग-अलग पड़ाव पर हैं?

जवाब: देखिए, अभी बात सिर्फ ड्रिल सेशन की नहीं है. बात यह है कि आपने जिन नामों का जिक्र किया, वे सभी प्रोफेशनल क्रिकेटर हैं, है ना? तो, प्रभसिमरन कुछ ही दिनों में टीम के लिए खेलने वाले हैं. शशांक अपनी पुरानी कुछ कमियों को ठीक कर रहे हैं और फिट रहने की कोशिश कर रहे हैं, और नेहल के साथ भी ऐसा ही है.

अभी हमारे पास एक खास तरीका है क्योंकि यहां सिर्फ छह या सात खिलाड़ी हैं. हम उन्हें खेल के सभी फेज (चरण) से गुजार रहे हैं. हम इसी तरह काम कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि हम किसी एक चीज पर बहुत ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. हालांकि, हां, उनके अपने प्लान हैं. हम कुछ प्लान और कुछ मैच सिचुएशन पर काम कर रहे हैं. मैं रिकी पोंटिंग के सीधे संपर्क में हूं. पोंटिंग को सब कुछ पता है कि क्या हो रहा है, और उन्हें रोजाना रिपोर्ट मिलती है.

सवाल: आप 2022 सीजन से टीम के साथ हैं. पंजाब किंग्स के लोगों, सोच और काम करने के तरीके में 2022 से अब तक क्या बदलाव आया है?

जवाब: जब मैं 2022 में जुड़ा था, तब ट्रेवर बेलिस भी कोच थे. मुझे लगता है कि सही कॉम्बिनेशन चुनने और बनाने की बात है. सबसे जरूरी बात जो मुझे दिखती है, वह है घरेलू खिलाड़ी और विदेशी खिलाड़ियों का चयन. जो व्यक्ति अब कमान संभाले हुए हैं, पोंटिंग, वे एक दशक से इस माहौल में हैं.

वे लंबे समय से यहां हैं, और वे बहुत अच्छे इंसान हैं जो सभी खिलाड़ियों को अच्छी तरह जानते हैं. वे इतने लंबे समय से आईपीएल और अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ जुड़े रहे हैं. इसी वजह से वे हर किसी को अच्छी तरह जानते हैं. इससे सही जगह के लिए सही खिलाड़ियों को चुनने में हमारी मुश्किलें काफी कम हो जाती हैं.

आज हमारे पास ऐसी टीम है जो सच में ऐसा कर सकती है – हमारे पास खिलाड़ियों के दो सेट हैं. टीम में हर खिलाड़ी के लिए एक बैकअप मौजूद है. अगर कोई एक खिलाड़ी बाहर हो जाता है, तो दूसरा खिलाड़ी हमेशा तैयार रहता है और प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के लिए पहले खिलाड़ी जितना ही अच्छा होता है. तो, असल बात सही स्लॉट के लिए सही खिलाड़ियों को चुनना और फिर उस पर काम करना है.

सवाल: पीबीकेएस में 2025 से प्रभसिमरन, वढेरा और प्रियांश आर्या जैसे युवा भारतीय बल्लेबाजों पर काफी भरोसा दिखाया गया है. आप इस ट्रेंड को कैसे देखते हैं?

जवाब: भारत में विकेट विदेशी विकेट से बिल्कुल अलग होते हैं. इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले भारत में विकेट पर खेलना वाकई चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ठीक वैसे ही जैसे जब कोई भारतीय खिलाड़ी बाहर जाता है तो उसके लिए यह बहुत चुनौतीपूर्ण होता है; क्योंकि भारतीय बल्लेबाजों की बात करें तो किसी बाहरी खिलाड़ी के लिए भारतीय विकेट पर आकर जमना बहुत मुश्किल होता है.

ऐसा इसलिए है क्योंकि यहां उछाल कम हो सकता है, थोड़ा टर्न मिल सकता है या थोड़ी ग्रिप मिल सकती है, जो आमतौर पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के विकेट पर नहीं होता. ऐसे में सच में अभी जो बेहतरीन आईपीएल टीमें हैं, उनमें ज्यादातर भारतीय खिलाड़ी ही हैं. अगर आप ध्यान दें, तो भारतीय खिलाड़ी जितने अच्छे होते हैं, टीम उतना ही अच्छा प्रदर्शन करती है – विदेशी खिलाड़ियों का भी पूरा सम्मान है. हालांकि, मेरे हिसाब से आपके पास एक मजबूत भारतीय बैटिंग लाइनअप होना चाहिए. बस यही बात है.

सवाल: पीबीकेएस में श्रेयस अय्यर की कप्तानी अब तक जबरदस्त रही है, और अब वह टी20 इंटरनेशनल में भारत की कप्तानी भी कर रहे हैं? उन्हें क्या एक बेहतरीन कप्तान बनाता है?

जवाब: श्रेयस और रिकी पोंटिंग लंबे समय से साथ काम कर रहे हैं, पंजाब किंग्स में आने से पहले से ही. जब वे दोनों यहां आए, और अब जब आप श्रेयस की बात कर रहे हैं, तो श्रेयस का व्यक्तित्व वाकई कमाल का है, और सबसे बड़ी बात यह है कि वह बहुत अच्छे से बात सुनते हैं. जब मैं श्रेयस के साथ बातचीत करता हूं, तो वह इतने अच्छे श्रोता हैं कि टीम का कोई भी व्यक्ति, चाहे वह टीम का 25वां सदस्य ही क्यों न हो जाकर श्रेयस से बात कर सकता है, और उनके पास हमेशा आपके लिए समय होगा.

उनके पास हमेशा आपके लिए समय होता है. श्रेयस क्रिकेट में अब तक देखे गए सबसे बेहतरीन दिमागों में से एक हैं. वह शांत स्वभाव और समझदार इंसान हैं. वह ऐसे व्यक्ति हैं जो हर खिलाड़ी का समर्थन करते हैं, और मुझे उनकी सबसे अच्छी बात यह लगती है कि मीटिंग में, निजी स्तर पर, मैदान पर या प्रैक्टिस के दौरान आप कोई नकारात्मक बात नहीं कह सकते. बात सकारात्मक ही होनी चाहिए. अगर कोई फीडबैक देना हो, तो वह सकारात्मक ही होना चाहिए. तो यह बहुत अच्छी बात है.

वह हमेशा सकारात्मक और अच्छी बातें ही करते हैं. हां, गलतियां होती हैं, और हर किसी को एहसास होता है कि गलती हुई है. इसी वजह से आपको उनके सामने जाकर यह कहने की जरूरत नहीं है कि आपने गलती की है. वे सभी परिपक्व और बहुत अनुभवी खिलाड़ी हैं. यह श्रेयस के बारे में मुझे बहुत अच्छी बात लगती है. वह एक अद्भुत इंसान हैं, दूसरों की बात ध्यान से सुनते हैं और हमेशा आपकी बात सुनने के लिए तैयार रहते हैं.

सवाल: पीबीकेएस का सेटअप डेटा पर कितना निर्भर है?

जवाब: आप बातें तो कर सकते हैं और बच भी सकते हैं. हालांकि, डेटा ही सच है. आप डेटा से भाग नहीं सकते. डेटा दिखाता है कि किसी व्यक्ति ने क्या किया है, और मैं यह नहीं कहूंगा कि हम पूरी तरह से (100 प्रतिशत) उसी पर निर्भर हैं. हालांकि, हां, आज के समय में डेटा एक अहम भूमिका निभाता है. हम डेटा से भाग नहीं सकते. डेटा बहुत कुछ कहता है, और हम उस पर निर्भर भी रहते हैं. हां, हमारे लिए डेटा की अहमियत है, और डेटा मदद करता है.

एसएम/डीकेपी