
जींद, 31 अक्टूबर . मनीषा भनवाला ने शुक्रवार को इतिहास रचा. वह सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं. मनीषा के वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद उनके घर में जमकर जश्न मनाया गया. भारतीय महिला रेसलर की मां का कहना है कि बेटी का घर लौटने पर जोरदार स्वागत किया जाएगा.
मनीषा की मां मीना देवी ने ‘ ’ के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, “हम मनीषा का मैच फोन पर देख रहे थे. छह मिनट की कुश्ती में वो बहुत तगड़ा खेलती हैं. कुश्ती खेलने के लिए मनीषा का भाई पहले तैयार हुआ था, लेकिन फिर बेटे ने कहा कि अगर मेरी बहन खेलना चाहती है, तो मैं उसको खिलाऊंगा. मनीषा के भाई ने खुद न जाकर अपनी बहन को ट्रेनिंग के लिए आगे भेजा और उनके लिए सारे इंतजाम भी करते हैं.”
मनीषा की मां ने बताया कि उन्हें शुरुआत से ही कुश्ती के खेल में खास दिलचस्पी थी. उन्होंने कहा, “कुश्ती के खेल में मनीषा की शुरुआत से ही रुचि थी. गांव में जब कबड्डी हुआ करती थी, तो मनीषा अपने भाई को खेलते हुए देखने के लिए वहां जाया करती थीं. मनीषा का भाई उन्हें घर छोड़कर आता था, लेकिन वह फिर वहां आ जाती थी ऐसे करते हुए उनकी धीरे-धीरे इस खेल में रुचि बनती चली गई.” मीना देवी ने बताया कि मनीषा का घर लौटने पर जोरदार स्वागत करने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि मनीषा अब ओलंपिक में भी देश के लिए गोल्ड मेडल लेकर आएं. मनीषा की मां ने कहा कि बेटी ओलंपिक में मेडल जीतकर आए यह उनके पिता का भी सपना था.
मनीषा को रेसलर बनाने के लिए त्याग करने वाले उनके भाई रिंकू ने बहन के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर खुशी जताई. उन्होंने कहा, “हमारी खुशियों का ठिकाना नहीं है. हम सुबह 4 बजे सोए और खूब जश्न मनाया. हर जगह से फोन आ रहे थे और सभी का पूरा-पूरा सहयोग है. यूडब्ल्यूडब्ल्यू, रेसलिंग फेडरेशन, सरकार और गांव के लोगों का भी पूरा सहयोग है, जिसके कारण यह हो पाया है. पूरे देश का आशीर्वाद उनके साथ था.”
मनीषा के भाई रिंकू ने बताया कि यह सब उनकी बहन की कड़ी मेहनत का नतीजा है, जो कुछ भी मनीषा ने हासिल किया है वो अपने दम पर किया है. रिंकू ने कहा कि मनीषा का अब सपना देश के लिए ओलंपिक में मेडल जीतना है. भारतीय महिला रेसलर की भाभी ममता ने भी उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा खुशी तो परिवार को ही होती है कि हमारे घर की बेटी ने इतने बड़े स्तर पर जाकर देश और गांव का नाम रोशन किया है.
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एसएम/पीएम