
सूरत, 2 जून . गुजरात की सूरत क्राइम ब्रांच ने वराछा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) शाखा में हुई 50 लाख रुपए की हथियारबंद डकैती के मामले में तीसरे मुख्य आरोपी को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है. इस डकैती की पूरी साजिश पटना की बेउर जेल से रची गई थी.
एडिशनल सीपी करण राज वाघेला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “27 अप्रैल को वराछा में सीबीआई शाखा में छह हथियारबंद आरोपियों ने डकैती को अंजाम दिया और 50 लाख रुपए से अधिक की राशि लूटकर फरार हो गए. घटना के तुरंत बाद सूरत सिटी पुलिस, जोन-1 पुलिस, लोकल क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी.
उन्होंने बताया कि टीम ने 1,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच, तकनीकी और मानवीय इंटेलिजेंस के आधार पर केस को सुलझाया. जांच के दौरान दो आरोपी शुभम ठाकुर और विकास राजपूत को उत्तर प्रदेश के अयोध्या और गोंडा जिलों से गिरफ्तार किया गया. पुलिस को पता चला कि कुंदन भगत इस डकैती का मुख्य मास्टरमाइंड है. वह वर्तमान में पटना की बेउर जेल में बंद है. कुंदन भगत उत्तराखंड में हुई 14 करोड़ रुपए की रिलायंस ज्वेलरी डकैती का भी मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.
एडिशनल सीपी करण राज वाघेला ने कहा कि सूरत पुलिस ने मुख्य आरोपी मन्तीश उर्फ मुकेश कुमार को बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के बिरती बाजार चौक इलाके से गिरफ्तार किया. आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था. इसके साथ ही जेल में बंद कुंदन भगत ने सीबीआई वराछा डकैती की साजिश रची थी. आरोपी मन्तीश उर्फ मुकेश कुमार इस गिरोह का महत्वपूर्ण सदस्य था. पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क को पकड़ने का प्रयास कर रही है.
उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों के आपसी संबंधों और डकैती की पूरी कार्ययोजना का खुलासा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. लूट की गई राशि की कुछ हिस्से की बरामदगी भी हुई है. सूरत पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है.
सूरत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी मन्तीश उर्फ मुकेश कुमार को बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के बिरती बाजार चौक इलाके से गिरफ्तार किया.
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एसएके/डीकेपी