
पटना, 23 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और रिजीम चेंज को लेकर इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर राजद सांसद मनोज झा ने पलटवार किया है. उन्होंने पीएम मोदी पर जनता के बीच गलत धारणा फैलाने का आरोप लगाया.
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कहा था कि दुनिया जहां एक नए वैश्विक क्रम की तलाश में आगे बढ़ रही है, वहीं भारत में कुछ लोग देश में अव्यवस्था फैलाने और सत्ता परिवर्तन के सपने देख रहे हैं.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं तो कहते हैं कि वह गांधी और बुद्ध के देश से आए हैं, लेकिन देश के अंदर उनकी सरकार गांधीवादी मूल्यों को नहीं मानती. अगर आपका पूरा रिजीम आर्किटेक्चर बेरोजगारी और असमानता की बात नहीं करता है, तो लोग क्या करें? क्या आपके ऑर्केस्ट्रा में शामिल हो जाएं? लोग जंतर-मंतर नहीं जाएंगे तो कहां जाएंगे? यह गांधी का देश है और गांधी के तरीकों से ही सब कुछ होगा, आपको इसे स्वीकार करना होगा.
वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस बयान पर भी मनोज झा ने टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया Supreme Court के चीफ जस्टिस को हटाने जैसी ही है और अगर विपक्ष महाभियोग प्रस्ताव लाता है तो प्रक्रिया के तहत चर्चा की जाएगी.
इस पर तंज कसते हुए मनोज झा ने कहा, “आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. लोगों को पता नहीं था. इसमें नया क्या है? नया यही है कि मैं अखबार पर नहीं जाऊंगा, मैं साक्ष्य पर नहीं जाऊंगा, मैं सबूत पर नहीं जाऊंगा, मैं प्रोसीजर के आधार पर मोरैलिटी का, जो हमारे संविधान का एक बहुत बड़ा सिद्धांत है, उसका कत्ल कर दूंगा. इसके अलावा कुछ नहीं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शन को सरकार प्रक्रिया का हवाला देकर टालना चाहती है, जबकि नैतिकता के सवाल को नजरअंदाज किया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश और बिहार में हो रहे विधान परिषद चुनाव को लेकर मनोज झा ने भाजपा पर हमला बोला. उन्होंने कहा, “मतदान हो ही रहे हैं, लेकिन कल रात जिस तरह से एसटीएफ आ गई, तो मुझे लग गया कि हां, ये चुनाव है. क्योंकि बिना किसी अतिरिक्त मदद के तो आप लड़ ही नहीं सकते.”
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पीआईएम/एबीएम