ये तो डबल नहीं, ट्रिपल इंजन की सरकार है, कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए : अधीर रंजन चौधरी

मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल), 13 जून . कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में हुए सत्ता परिवर्तन का जिक्र करते हुए कहा कि अब तो ट्रिपल इंजन की सरकार बन चुकी है. ऐसी स्थिति में प्रशासन के लिए यह जरूरी हो जाता है कि हर प्रकार अवैध गतिविधियों के खिलाफ गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करें. कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरते.

उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में हर गतिविधियों की जांच होनी चाहिए. अभिषेक बनर्जी की भी होनी चाहिए. उन्हें किस तरह से राजनीतिक सहयोग प्राप्त हुए और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे. ये लोग किस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे, जिसका असर पश्चिम बंगाल के जनता के हितों पर भी पड़ा. इन सभी चीजों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए. भतीजे को किसने भतीजा बनाया, इस बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. जांच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएग.

इसके अलावा, उन्होंने भारत की ओर से यूएस डिप्लोमेट को भेजे गए समन पर भी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, यह दूसरी बार जब अमेरिकी सेना की ओर से भारतीय नाविकों पर हमला किया गया है. यह दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार की ओर से इस दिशा में किसी भी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, सिर्फ बयानबाजी की जा रही है. लेकिन, मैं एक बात साफ कर देना चाहता हूं कि अब सिर्फ बयानबाजी काम नहीं चलेगा. अब सरकार को सामने आकर कार्रवाई करनी चाहिए. हमारे नाविक लगातार समुद्री सुरक्षा को देखते हुए अपनी जान की बाजी लगा दे रहे हैं. लेकिन, हमारी सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से भारतीय नाविकों पर हमले किए जा रहे हैं, उसे लेकर देशभर के लोग चिंतित हैं. हमारी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग है कि वो सामने आकर कड़ी कार्रवाई करें. अमेरिका को सामने आकर माफी मांगनी चाहिए और इस बात की गारंटी देनी चाहिए कि फिर कभी इस तरह की स्थिति पैदा नहीं हो. यह अमेरिका को अपनी तरफ से सुनिश्चित करना होगा. वैसे तो केंद्र सरकार की ओर से यह दावा किया जाता है कि हमारे रिश्ते अमेरिका के साथ काफी अच्छे हैं, तो ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार को चाहिए कि वो अमेरिका से इस मुद्दे पर संवाद करके समाधान का रास्ता निकाले.

उनके मुताबिक, इंदिरा गांधी के शासनकाल में जब पाकिस्तान से हमारा युद्ध चल रहा था, तब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति हिंद प्रशांत महासागर में हस्तक्षेप करके हमें भयभीत करने की कोशिश की थी. लेकिन, उस समय इंदिरा गांधी पूरे हिम्मत के साथ खड़ी रही और उन्होंने अमेरिका को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आप यहां से चले जाओ, यह हमारा मुद्दा है. हम इसे सुलझा लेंगे. उस समय इंदिरा गांधी डरी नहीं थी, बल्कि उन्होंने हिम्मत से काम लेते हुए एक मिसाल पेश करने का काम किया था. मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील है कि वो ठोस कदम उठाएं. आप 12 साल से सत्ता में हैं. अगर आपने इस मामले में कदम नहीं उठाया, तो जाहिर सी बात है कि देश की जनता आपसे सवाल करेगी.

एसएचके/पीएम