इस साल सामान्य से कम होगी बारिश, देशभर में धीमी रहेगी मानसून की रफ्तार

नई दिल्ली, 13 जून . भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को कहा कि इस वर्ष देश में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है. विभाग के अनुसार, अब तक मानसून दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है, लेकिन इसके बाद देश के अन्य क्षेत्रों में इसकी रफ्तार धीमी रहने की उम्मीद है.

मीडिया से बातचीत करते हुए आईएमडी के वैज्ञानिक प्रदीप शर्मा ने कहा कि अल नीनो प्रभाव अब सक्रिय हो चुका है और पूरे मानसून सीजन के दौरान इसके बने रहने की संभावना है.

उन्होंने कहा, “दक्षिण-पश्चिम मानसून के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार इस साल पूरे देश में सामान्य वर्षा का लगभग 98 प्रतिशत यानी सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.”

आईएमडी के एक अन्य वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं.

उन्होंने कहा, “इसके लिए पहले ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था. फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ उत्तर हरियाणा और उससे सटे क्षेत्रों में सक्रिय है. इसके प्रभाव से शनिवार को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक जारी रहने की संभावना है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.”

उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के लिए शनिवार को येलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.

नरेश कुमार ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के तापमान में पिछले दिनों 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है.

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में तापमान 4 से 6 डिग्री तक बढ़ सकता है, लेकिन यह सामान्य या सामान्य से कम स्तर पर ही रहेगा.

आईएमडी के अनुसार, मानसून दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है और महाराष्ट्र तक पहुंच गया है, लेकिन इसके आगे बढ़ने की गति फिलहाल धीमी पड़ गई है.

विभाग ने बताया कि मानसून पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी पहुंच चुका है. अगले दो से तीन दिनों में इसके बिहार, ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के अधिक हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है, हालांकि इसके बाद इसकी प्रगति धीमी रह सकती है.

डीएससी