
कोलकाता, 18 जून . पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही उथल-पुथल और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास पर अंडा फेंके जाने की घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल और तापस रॉय ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी के कार्यकाल पर सवाल उठाए हैं.
भाजपा नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने अरूप बिस्वास पर हुए अंडे के हमले को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह जनता के भीतर जमा हुए गुस्से का परिणाम है. हालांकि उन्होंने कानून को हाथ में लेने का समर्थन नहीं किया, लेकिन टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए.
से बातचीत में तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अब तो टीएमसी नेताओं के घर डाइजीन या पैनफोर्टी भेजना पड़ेगा. जिस तरह से उन पर अंडे फेंके जा रहे हैं, वह भी सड़े हुए अंडे. आज सड़े हुए अंडों की कीमत भी बढ़ गई है, जबकि अच्छे अंडे कम दाम में मिल जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी शासन के दौरान आम लोगों पर अत्याचार हुए. मैं अपने पद की गरिमा के कारण लोगों से यही कह सकती हूं कि कानून अपने हाथ में न लें और इस तरह की अभद्रता न करें. लेकिन जिन लोगों के घर जलाए गए, जिन पर झूठे मुकदमे किए गए, जिनके परिवारों को धमकाया गया, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, ऐसे लोग यह सब आसानी से नहीं भूलेंगे.
उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं की संपत्ति में पिछले डेढ़ दशक में असामान्य वृद्धि हुई है और इसकी जांच होनी चाहिए. अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 2011 में टीएमसी नेताओं की जो संपत्ति थी और आज जो है, उसके बीच का अंतर कैसे आया, यह जांच का विषय है. आखिर किस आर्थिक मॉडल से उनकी संपत्ति इतनी तेजी से बढ़ी?
भाजपा नेता तापस रॉय ने भी टीएमसी की वर्तमान स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टीएमसी के नेता बड़े-बड़े दावे करते थे, लेकिन आज उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर दिखाई दे रही है. एक महीने के भीतर ही उनकी पूरी टीम की स्थिति बदलती हुई दिखाई दे रही है. जो लोग लंबे-चौड़े भाषण देते थे, आज वे किस स्थिति में पहुंच गए हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह उनके कर्मों का परिणाम भी है.
तापस रॉय ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को सत्ता में रहते हुए संयम बरतना चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता भी राजनीतिक घटनाक्रमों को देखती और समझती है. उन्होंने कहा कि जब कोई पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहती है तो उसे कुछ मर्यादाओं और जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए. नेताओं को संयमित रहना चाहिए, अन्यथा उन्हें इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है.
विवादों के बीच तापस रॉय ने भाजपा के विकास एजेंडे को भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल के विकास और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विकास की ओर अग्रसर है. हमने जनता के सामने अपना संकल्प पत्र रखा है. राज्यपाल के अभिभाषण से भी यह स्पष्ट हुआ है कि विकास के मुद्दों पर काम किया जाएगा. विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी और पूरी भाजपा टीम बंगाल की तरक्की, विकास और जनकल्याण के लिए काम कर रही है.
–
पीएसके