
श्रीनगर, 4 अगस्त . कश्मीर आतंकी पीड़ितों के संगठन की अध्यक्ष तस्लीमा अख्तर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के लोगों के समर्थन में जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के साथ एकजुटता का आह्वान किया और पाकिस्तान की कार्रवाई पर चिंता जताई. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब पीओजेके को भारत में मिलाने का समय आ गया है.
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में तनाव और हत्याओं को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ता और एटीवीके की चेयरपर्सन तस्लीमा अख्तर ने से कहा, “हमें इंसानियत के लिए लड़ना चाहिए. इंसानियत का तकाजा है कि यहां से भी उनके लिए आवाज उठाई जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके. मैं पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से अपील कर रही हूं. 10 अगस्त को एकजुट होकर पीओजेके के लोगों के साथ खड़े हों और उनके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करें.”
तस्लीमा ने कहा, “पीओजेके के लोग 1947 से अभी तक बहुत अधिक संघर्ष कर रहे हैं. पाकिस्तान सरकार और सेना लगातार जुर्म करती आ रही है. अब पीओजेके के लोगों का सब्र का बांध टूट गया है. अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो पाकिस्तानी सैनिक गोली मार रहे हैं. पीओजेके के लोगों की फरियाद पूरी दुनिया सुन रही है.”
तस्लीमा ने कहा, “अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना से पीओजेके के लोगों को आजादी दिलाई जाए. पाकिस्तान को पीओजेके की जमीन चाहिए, लोग नहीं चाहिए. वहां के लोग मदद की गुहार लगा रहे हैं. ऐसे में अब वक्त आ गया है कि पीओजेके को भारत के कश्मीर में मिलाना पड़ेगा.”
तस्लीमा अख्तर ने कहा, “पाकिस्तानी सेना ने रावलकोट से मीरपुर तक कब्रिस्तान बना दिए हैं. मुजफ्फराबाद में हो रहे चुनावों को देखिए, वे न तो पारदर्शी हैं और न ही निष्पक्ष. खुदा के लिए अपने लोगों को जीने दें. खुदा के लिए उन अधिकारों को स्वीकार करें जिनकी वे मांग कर रहे हैं, वे अपने वाजिब अधिकारों की मांग कर रहे हैं, खैरात नहीं मांग रहे. यह उनकी अपनी जमीन है. इस पर उनका हक है.”
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