
नई दिल्ली, 13 जून . भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि इस पार्टी की कार्यशैली से सूबे की जनता त्रस्त हो चुकी थी. टीएमसी ने सूबे में लोगों का जीना दुश्वार कर दिया था. यही वजह है कि आज इसकी दुर्गति हो रही है और जहां पर टीएमसी के नेताओं का सामना जनता से हो रहा है, तो उन्हें आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है.
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी ने सीएम की कुर्सी पर रहने के दौरान जिस तरह से सूबे की जनता को परेशान किया था और लगातार अपनी कार्य संस्कृति से लोगों के हितों पर कुठाराघात किया, उससे यह साफ जाहिर हो गया था कि इस बार ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर जाना ही होगा. इसी वजह से टीएमसी को इस चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा.
संजय जायसवाल ने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा. उनके मुताबिक, अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से सूबे की जनता परेशान हो चुकी थी. अभिषेक बनर्जी महज उन्हीं लोगों को पार्टी में एंट्री देते थे, जो गुंडे होते थे. ऐसे में जब इस तरह की स्थिति किसी पार्टी की रहेगी, तो उसकी स्थिति कैसी रहेगी, यह बात किसी से छुपी नहीं है.
उन्होंने कहा कि एक लोकतांत्रिक देश में हर पार्टी को मूल रूप से जीत हार का सामना करना पड़ता है. यह लोकतंत्र की रीत है, लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है कि जब किसी पार्टी में हार के बाद इस तरह से भगदड़ की स्थिति बनी हुई है. कुल मिलाकर, इसे बहुत ही विचित्र स्थिति कहा जा सकता है, जिसे मुझे लगता है कि किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.
भाजपा विधायक सुदीप्ता दास ने भी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा. उनके मुताबिक मौजूदा समय में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के यहां पर छापेमारी नहीं होगी, तो कहां होगी. इन लोगों ने सूबे की जनता को लूटने का काम किया है. इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. अभी कुछ दिनों पहले ही लिकर में भी लूट का मामला सामने आया था. इन लोगों के पास भारी मात्रा में ब्लैक मनी है, लिहाजा सभी की जांच होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी. अभिषेक बनर्जी के पास लूट का सारा पैसा जाता था. छापेमारी की गति को बढ़ाना चाहिए.
उनके मुताबिक, छापेमारी से जो भी पैसा प्राप्त हो, उसे पश्चिम बंगाल के विकास में लगाना चाहिए. अभिषेक बनर्जी के यहां पर छापेमारी होनी चाहिए. इसके बाद बहुत पैसा है. सिर्फ इसके पास ही पैसे नहीं होंगे, बल्कि कई जगह इन लोगों ने पैसे लगा भी रखें होंगे, इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि हर पहलू से पूरे मामले की जांच हो, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके. इन लोगों की संपत्ति को भी सीज किया जाना चाहिए.
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एसएचके/वीसी