चुनाव बाद हिंसा पर बोलीं टीएमसी सांसद डोला सेन, ‘कार्यकर्ताओं और आम लोगों पर हो रहे अत्याचार’

कोलकाता, 16 मई . तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाया है. टीएमसी की फैक्ट-फाइंडिंग टीम में शामिल डोला सेन ने कहा कि हमारे बहुत सारे कार्यकर्ताओं और आम जनता पर अत्याचार हो रहा है.

सांसद डोला सेन ने कहा कि चुनाव नतीजों के बाद हमारे बहुत सारे कार्यकर्ताओं और आम जनता पर अत्याचार हो रहा है. कुछ लोगों के घर टूट चुके हैं. कई जगहों पर टीएमसी के कार्यालय भी बंद हो चुके हैं या उन्हें तोड़ा गया है. उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर तीन टीमों का गठन किया गया है. इसी एक टीम में मुझे रखा गया है, जिसमें दो अन्य सदस्य भी हैं. हम पीड़ितों के घर जाएंगे और उनसे मुलाकात करेंगे.

क्या प्रशासन आपकी बात सुनेगा? इस सवाल पर टीएमसी सांसद ने कहा, “हम संविधान पर भरोसा रखते हैं. हाईकोर्ट की तरफ से भी बोला गया कि जब भी पीड़ित है, उनको घर लौटना ही है. हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया, हमें भी उस पर भरोसा है.”

इसी बीच, डोला सेन ने ममता बनर्जी के नेतृत्व के प्रति पूर्ण समर्थन की पुष्टि की. ममता बनर्जी के ‘पार्टी छोड़ना चाहते हैं तो छोड़ दो’ वाले बयान पर उन्होंने कहा, “ममता दीदी टीएमसी की प्रमुख हैं. उनकी बातों को हम लोग मानते हैं. उन्होंने संगठन के बारे में जो कहा है, वो हम सभी के लिए है.”

चुनावों से पहले बयानबाजी को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर पर डोला सेन ने कहा, “हम इतिहास को देखेंगे तो यह सभी को दिखाई देगा कि कहीं भी साजिश और अन्याय ही आखिरी नहीं होते हैं. सबसे आखिरी फैसला सत्य और न्याय ही होता है. हमको लगता है कि इसमें भी सत्य और न्याय ही आखिरी होंगे. हमें कानून पर भरोसा है.”

आरजी कर रेप और हत्या मामले में तीन अधिकारियों को निलंबित किए जाने पर टीएमसी सांसद ने कहा, “हर जगह पर सच, न्याय, संविधान और कानून ही आखिरी निर्णय होते हैं.”

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