Supreme Court के आदेश पर टीएमसी का हमला: ‘ईसीआई पक्षपाती, वोटों में हेराफेरी की कोशिश’

कोलकाता, 2 मई . पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. टीएमसी नेता कुणाल घोष ने Supreme Court के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार, जो पश्चिम बंगाल में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी हैं, ने एक विवादास्पद आदेश जारी किया था.

कुणाल घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “उस आदेश का मतलब था कि मतगणना केवल केंद्र सरकार और केंद्रीय पीएसयू के कर्मचारियों द्वारा ही की जाएगी. राज्य सरकार का कोई भी कर्मचारी इसमें शामिल नहीं होगा. इसे Supreme Court में चुनौती दी गई और अब टीएमसी को इसमें राहत मिली है.”

टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा, “ईसीआई में कोई पारदर्शिता नहीं बची है. वे कुछ भाजपा लोगों को मनमानी करने दे रहे हैं. हमने कोर्ट में चुनौती दी है कि केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य के कर्मचारियों को भी मतगणना प्रक्रिया में शामिल किया जाए.”

कुणाल घोष ने एक और बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि उनके पास एक गोपनीय दस्तावेज है, जो टीएमसी के साथ चुनाव लड़ रही एक पार्टी का है. इस दस्तावेज में 294 सीटों का अंतिम आकलन दिया गया है. घोष ने कहा, “मैं अभी नाम नहीं बताऊंगा, लेकिन यह दस्तावेज उस पार्टी का है जो हमारे साथ गठबंधन में है. इसमें साफ लिखा है कि उनकी पार्टी कितनी सीटें जीत रही है. बैठक में छह नेता मौजूद थे और सब कुछ लिखित रूप में है.”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस आकलन में कुल 78 सीटों का जिक्र है, हालांकि उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया. टीएमसी नेता का कहना है कि भाजपा और ईसीआई मिलकर वोटों में हेराफेरी करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें हार का डर सता रहा है.

टीएमसी के इन आरोपों से मतगणना से पहले राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है. पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग पक्षपातपूर्ण भूमिका निभा रहा है. चुनाव आयोग की ओर से अभी इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

एससीएच