ट्रंप और ताकाइची ने मजबूत जापान-अमेरिका गठबंधन की तारीफ की

संयुक्त राष्ट्र, 23 सितंबर . अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई एक बैठक में अपने देशों के गठबंधन की मजबूती और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर जोर दिया.

ट्रंप ने द्विपक्षीय बैठक की शुरुआत ताकाइची की जमकर तारीफ करते हुए की. उन्होंने ताकाइची को अपना दोस्त बताया और कहा कि उन्हें जापान के प्रमुख प्रधानमंत्रियों में से एक के तौर पर याद किया जाएगा.

ट्रंप ने कहा, “उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है. मैं उनके आंकड़ों पर हमेशा नजर रखता हूं और जापान का उद्योग बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. देश बहुत अच्छा कर रहा है और इसमें बहुत बड़ा सुधार हुआ है.”

उन्होंने आगे कहा, “उनके साथ होना सम्मान की बात है. वह मेरी दोस्त हैं. पिछले कुछ समय में हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह जानने लगे हैं और वह एक बेहतरीन प्रधानमंत्री साबित होंगी.”

ट्रंप ने ताकाइची के साथ आए जापानी अधिकारियों की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, “वे मजबूत और समझदार हैं और आपके साथ होना सम्मान की बात है.”

ताकाइची ने एक अनुवादक के जरिए बात करते हुए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दोनों देशों की साझेदारी के लिए मजबूत समर्थन दिया है, खासकर ऐसे समय में जब एशिया में सुरक्षा चुनौतियां और गंभीर होती जा रही हैं.

ताकाइची ने कहा, “मैं सबसे पहले जापान-अमेरिका गठबंधन के प्रति डोनाल्ड की बहुत मजबूत प्रतिबद्धता के लिए अपना आभार दोहराना चाहूंगी, खासकर हाल के वर्षों में एशिया सहित सुरक्षा के हालात मुश्किल होने के बावजूद.”

जापानी नेता ने कहा कि न्यूयॉर्क में हुई इस बैठक का मकसद दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती के बारे में एक बड़ा संदेश देना था.

उन्होंने कहा, “मैं इस मौके का इस्तेमाल करके दुनिया को यह दिखाना चाहूंगी कि हमारा गठबंधन कितना मजबूत है. इसके लिए आज यहां यूएन मुख्यालय में डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक और बैठक हो रही है.”

ताकाइची ने ट्रंप को हाल ही में कैबिनेट में हुए फेरबदल के बारे में भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के 18 मंत्रियों में से 10 नए नियुक्त किए गए थे. लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विदेश नीति, वित्त, आर्थिक मामलों और रक्षा जैसे अहम विभागों को संभालने वाले अधिकारी अपने पदों पर बने रहे.

ताकाइची ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के बने रहने से अमेरिका में अपने समकक्षों के साथ सीधे कामकाजी रिश्ते बनाए रखने और वॉशिंगटन व टोक्यो के बीच तालमेल को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा, “इसलिए यह कहना सही होगा कि हम उम्मीद कर सकते हैं कि अधिकारियों के बीच के ये आपसी रिश्ते नीतिगत तालमेल को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे. और ऐसा करके, मैं दोनों देशों के बीच हमारे गठबंधन को और मजबूत करने की उम्मीद करती हूं.”

प्रधानमंत्री ने आर्थिक सुरक्षा को दोनों देशों के रिश्तों का एक और बढ़ता हुआ दायरा बताया. उन्होंने खास तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) का जिक्र किया. ये ऐसे सेक्टर हैं जो दोनों देशों की रणनीतिक और औद्योगिक नीति के लिए अहम हो गए हैं.

ताकाइची ने कहा, “असल में, डोनाल्ड और मेरी अपनी लीडरशिप की वजह से, एआई, सेमीकंडक्टर और ज़रूरी खनिजों जैसे क्षेत्रों में हमारा आपसी आर्थिक सुरक्षा सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है.”

उन्होंने इशारा किया कि पत्रकारों के कमरे से बाहर जाने से पहले निजी बातचीत में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी.

अमेरिका और जापान 1960 में हुई आपसी सहयोग और सुरक्षा संधि से जुड़े हुए हैं. वाशिंगटन लंबे समय से इस गठबंधन को एशिया में अपनी सुरक्षा जरूरतों और इंडो-पैसिफिक में स्थिरता और समृद्धि के लिए अहम मानता रहा है.

दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, जी7, जी20 और एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन फोरम जैसे कई मंचों पर भी साथ मिलकर काम करते हैं. उनकी साझेदारी सुरक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर तालमेल तक फैली हुई है.

–

ओपी/एएस