
नोएडा, 20 जून . नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को झांसा देकर धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के 11 लाख 49 हजार 500 रुपए नकद, एक चेकबुक, डेबिट कार्ड और आधार कार्ड बरामद किया है. मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
पुलिस के अनुसार, 19 जून को थाना सेक्टर-20 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की सहायता से कार्रवाई करते हुए कैम्ब्रिज स्कूल सेक्टर-27 के पास सर्विस रोड से दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में उनकी पहचान उमेर खान और अनुराग पारासरी के रूप में हुई. दोनों युवकों पर क्रिप्टो करेंसी में निवेश और डिजिटल करेंसी उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाने का आरोप है.
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने जब आरोपियों के बैग की तलाशी ली तो उसमें से 11,49,500 रुपए नकद, पंजाब नेशनल बैंक की एक चेकबुक, एक डेबिट कार्ड और एक आधार कार्ड बरामद हुआ. पुलिस का कहना है कि बरामद नकदी चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े मामले से संबंधित है, जिसकी जांच की जा रही है.
गिरफ्तार आरोपी उमेर खान (22) सेक्टर-50 नोएडा का निवासी है और उसने बीबीए तक शिक्षा प्राप्त की है. दूसरा आरोपी अनुराग पारासरी (22) मूल रूप से बरेली जिले के मीरगंज क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में सेक्टर-128 नोएडा में रह रहा था. उसने बीकॉम तक की पढ़ाई की है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी लोगों को क्रिप्टो करेंसी में अधिक मुनाफे का लालच देकर संपर्क में लाते थे. इसके बाद विभिन्न तरीकों से उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया जाता था. मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है.
थाना सेक्टर-20 में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि गिरोह के दो अन्य फरार सदस्यों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है.
पुलिस का कहना है कि साइबर और क्रिप्टो निवेश के नाम पर बढ़ती ठगी की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के झांसे में आकर निवेश करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए. वहीं, इस मामले में बरामद नकदी और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क और उसके अन्य संभावित अपराधों की भी पड़ताल कर रही है.
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पीकेटी/एबीएम