
नई दिल्ली, 15 जुलाई . Supreme Court में 10 जुलाई को हुई कथित अव्यवस्था और हंगामे के मामले में दिल्ली पुलिस ने लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है. इस संबंध में तिलक मार्ग थाना में Supreme Court सुरक्षा स्टाफ के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है.
पुलिस के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई को Supreme Court के कोर्ट नंबर-13 में एसएलपी संख्या 31367/2026 (प्रबल प्रताप एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य, कमिश्नर के माध्यम से) की सुनवाई के दौरान हुई. आरोप है कि प्रबल प्रताप ने स्वयं याचिकाकर्ता के रूप में पेश होकर अदालत की कार्यवाही के दौरान जानबूझकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. इतना ही नहीं, उसने कोर्ट रूम के भीतर कागज फेंककर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की.
जानकारी के मुताबिक, जब Supreme Court के सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ ने उसे शांत रहने और अदालत की गरिमा बनाए रखने के लिए रोका, तो उसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी के साथ कथित तौर पर जबरदस्ती की, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई. इस घटना के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे.
पुलिस ने बताया कि Supreme Court की टिप्पणी के बाद दोनों आरोपियों का इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज में मेडिकल परीक्षण कराया गया. मेडिकल रिपोर्ट में दोनों को तत्काल किसी मनोचिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता नहीं बताई गई. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक शब्दों वाले पर्चे (पैम्फलेट) भी बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लॉ के तीसरे वर्ष के छात्र प्रबल प्रताप सिंह (24) और दूसरे वर्ष के छात्र चंद्र भान (23) के रूप में हुई है. पुलिस अब उनसे पूछताछ कर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित कारणों की विस्तृत जांच जारी है तथा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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एसएके/एएस