
नोएडा, 7 जुलाई . नोएडा के सेक्टर-20 थाने की पुलिस ने दोपहिया वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गिरोह के छह शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके साथ ही दो बाल अपचारियों को अभिरक्षा में लिया है. आरोपियों के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें, तीन मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा और तीन अवैध चाकू बरामद किए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से थाना सेक्टर-20 क्षेत्र के कैलाश कट, सेक्टर-27 के पास अभियान चलाया गया. इस दौरान दानिश, अप्पू उर्फ संदीप, विकास, साहिल उर्फ शुभम, शरद सिंह देव और सूरज कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह से जुड़े दो नाबालिगों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया.
पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी संगठित तरीके से गिरोह बनाकर पहले विभिन्न इलाकों की रेकी करते थे और फिर दोपहिया वाहन तथा मोबाइल फोन चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे. चोरी की गई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल स्नैचिंग एवं अन्य चोरी की घटनाओं के लिए किया जाता था.
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गतिविधियों से क्षेत्र में लगातार हो रही मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है. बरामदगी के दौरान पुलिस ने तीन चोरी की मोटरसाइकिलें और तीन मोबाइल फोन बरामद किए. इनमें से दो मोटरसाइकिलें पहले से दर्ज चोरी के मामलों से संबंधित पाई गईं. इसके अलावा आरोपी विकास के पास से .315 बोर का एक अवैध तमंचा बरामद हुआ, जबकि दानिश, साहिल और शरद के कब्जे से एक-एक अवैध चाकू मिला.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के कई सदस्य पहले से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. अप्पू उर्फ संदीप, विकास और साहिल उर्फ शुभम के खिलाफ चोरी, मोबाइल स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न थानों में पहले से दर्ज हैं.
वहीं, सूरज कुमार गुप्ता का नाम भी चोरी और स्नैचिंग से जुड़े मामलों में सामने आया है. सेक्टर-20 थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है.
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पीकेटी/डीकेपी