
नई दिल्ली, 10 जुलाई . महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू किए जाने की तैयारियों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है. भाजपा-एनडीए के नेता महाराष्ट्र सरकार के फैसले की प्रशंसा कर रहे हैं. वहीं, विपक्षी सदस्य मांग कर रहे हैं कि यूसीसी का ड्राफ्ट जनता के बीच पेश किया जाना चाहिए.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शुक्रवार को से बात करते हुए कहा, “जहां-जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां-वहां महिला सशक्तिकरण, लैंगिक सशक्तिकरण के लिए यूसीसी को लागू करने के लिए उपयुक्त कदम उठा रही है. देवेंद्र फडणवीस उन नेताओं में से एक हैं, जो महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं.”
पूनावाला ने कहा कि यूसीसी हमारी प्रतिबद्धता है. यह संविधान में है और हाई कोर्ट व Supreme Court ने इसको मान्यता दी है. इसलिए यूसीसी की तरफ एक प्रबल कदम महाराष्ट्र की सरकार ने उठाया है. इससे पहले, उत्तराखंड, असम, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक भाजपा ने इस कदम को उठाने का काम किया.
विपक्ष पर निशाना साधते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा, “जिस कांग्रेस पार्टी ने संविधान सभा में यूसीसी की वकालत की थी और गोवा में इसे लागू किया था, आज वो कांग्रेस और उसका इकोसिस्टम वोटरबैंक को ऊपर रखते हुए विरोध कर रहा है. महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी विरोध कर रही है. इन विरोधी दलों का इकोसिस्टम महिला विरोधी बन चुका है.”
यूसीसी पर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार का फैसला स्वागत योग्य है. इससे महाराष्ट्र की महिलाओं और बच्चों को लाभ मिलेगा. खासतौर पर यूसीसी से मुस्लिम महिलाओं को लाभ मिलेगा.”
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “समान नागरिक संहिता पर हमारी पार्टी का रुख साफ है कि समाज के किसी भी वर्ग को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए. सभी का सम्मान करते हुए उन्हें भरोसे में लिया जाना चाहिए, क्योंकि सामाजिक सद्भाव ही विकास की नींव है. उस सद्भाव को बनाए रखना जरूरी है. हालांकि, राज्य सरकार को अपने फैसले लेने का अधिकार है.”
एनडीए के अलावा, विपक्षी दलों के नेता भी यूसीसी का समर्थन कर रहे हैं. कांग्रेस नेता हुसैन दलवाई ने से कहा, “यूसीसी को लेकर मेरा बिल्कुल भी विरोध नहीं है. मैंने शुरू से कहा है कि एक से अधिक शादी करना बिल्कुल गलत है. यह औरतों के साथ नाइंसाफी है. महिलाओं को मान-सम्मान दिया जाना चाहिए.”
हालांकि, हुसैन दलवाई ने मांग की कि यूसीसी का ड्राफ्ट जनता के बीच आना चाहिए. इसे देखने के बाद जनता की ओर से भी और सुझाव आ सकते हैं.
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डीसीएच/