
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर . केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली का दौरा कर विशेष अभियान-6 के तहत संस्थान में चलाए जा रहे स्वच्छता, सफाई और अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी कार्यों की समीक्षा की.
इस दौरान जेपी नड्डा ने एम्स ट्रॉमा सेंटर एक्सटेंशन कैंपस में नवनिर्मित पेशेंट वेटिंग लाउंज का भी निरीक्षण किया, जिसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, गाजियाबाद ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत विकसित किया है. इस सुविधा का उपयोग मरीजों और उनके परिजनों के लिए ‘आश्रय शेल्टर’ के रूप में किए जाने का प्रस्ताव है.
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संस्थान के सफाई कर्मचारियों से भी मुलाकात की और अस्पताल परिसर को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने में उनकी भूमिका की सराहना की.
केंद्रीय मंत्री को स्वच्छता अभियान के तहत एम्स द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई. इसमें विशेष रूप से सफाई, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और संस्थान परिसर के रखरखाव पर जोर दिया गया.
एम्स, नई दिल्ली ने स्वच्छता और साफ-सफाई को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें नियमित गहन सफाई (गैंग वॉशिंग), इमरजेंसी और ओपीडी शौचालयों में समर्पित सफाईकर्मी, प्रत्येक दिन के अंत में ओपीडी की विशेष सफाई, सफाई कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण, समय पर वेतन भुगतान, सफाई सामग्री और मशीनों की निगरानी शामिल हैं.
एम्स ने जल और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं. संस्थान में 11 अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र संचालित हैं. प्रतिदिन लगभग 19.6 लाख लीटर उपचारित पानी का उपयोग बागवानी कार्यों में किया जा रहा है. ऊर्जा बचत उपायों के कारण बिजली की खपत में 7.68 लाख किलोवाट घंटा की कमी दर्ज की गई है. यह लगभग 10.5 प्रतिशत की कमी है. जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान बिजली खर्च में करीब 1.98 करोड़ रुपये की बचत हुई.
सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एम्स परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए 40 मुफ्त इलेक्ट्रिक वाहन शटल सेवाएं संचालित की जा रही हैं.
इसके अलावा 30 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं. चार स्थानों पर 114 समर्पित पावर प्वाइंट लगाए गए हैं. इनकी निगरानी स्मार्ट सिस्टम से की जाती है.
इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर एक्सटेंशन कैंपस में बने नए पेशेंट वेटिंग लाउंज का निरीक्षण किया.
बीईएल, गाजियाबाद द्वारा निर्मित इस भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,970 वर्ग मीटर है और इसमें 897 लोगों के बैठने की क्षमता है.
भवन में प्राथमिक और द्वितीयक प्रतीक्षा कक्ष, प्रवेश और निकास द्वार, रैंप, शौचालय अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
इस सुविधा का उपयोग आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित, सम्मानजनक तथा मौसम से सुरक्षित अस्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा.
वर्तमान में एम्स ‘आश्रय’ के माध्यम से 24 घंटे मानवीय सहायता केंद्र संचालित करता है, जिससे विशेष रूप से दिल्ली के बाहर से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को मदद मिलती है.
दौरे के दौरान नड्डा ने सफाई कर्मचारियों से बातचीत कर अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था में उनके योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में फ्रंटलाइन सफाईकर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के इस दौरे ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में निरंतर स्वच्छता, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं के महत्व को रेखांकित किया. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि विशेष अभियान-6 के माध्यम से स्वच्छता को एक स्थायी कार्य संस्कृति के रूप में विकसित करने, बेहतर प्रबंधन अपनाने और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है.
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एएमटी/डीकेपी