
अजमेर (राजस्थान), 18 जून . राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के प्रमुख उत्कल रंजन साहू ने एक साल पूरे होने के मौके पर विभिन्न बिंदुओं को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने सही समय पर सही सूचना छात्रों के बीच पहुंचाने के लिए मीडिया का भी शुक्रिया अदा किया.
उत्कल रंजन साहू ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वैसे हम अपनी तरफ से अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर हर जरूरी सूचना दे देते हैं, लेकिन जब यही सूचना मीडिया के पास पहुंचती है तो इससे लाखों अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचता है, जिसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करना चाहूंगा.
इसके अलावा, उन्होंने पेपर लीक को लेकर भी अपनी बात रखी. उनके मुताबिक, पेपर लीक की घटनाओं को लेकर अभ्यर्थियों के बीच में चिंता का माहौल बना हुआ था. इसके बाद हमने सभी अभ्यर्थियों को बुलाकर पेपर लीक की घटनाओं के बारे में विस्तार से बताया. इसके अलावा, हमने उन्हें प्रश्न के बारे में भी विस्तार से बताया, ताकि वो आश्वस्त हो सके. हालांकि, कई जगहों से पेपर लीक शिकायतें सामने आ गई थीं, जिसे देखते हुए हमारे लिए अभ्यर्थियों से संवाद स्थापित करना जरूरी हो गया था.
उन्होंने बताया कि राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (आरपीएससी) ने अपनी साल भर की उपलब्धियों के बारे में प्रेस नोट के माध्यम से मीडिया को जानकारी दी. करीब 14 हजार 536 सीधी भर्ती के लिए 16 विज्ञापन जारी किए गए हैं. परीक्षा आयोजित करने के लिए हमने तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. करीब 14 हजार 485 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया गया है. आरपीएससी के सभी सदस्य सभी वर्किंग डे में व्यस्त रहे. इस साल हम काम का निस्तारण कर सकते थे और हमने किया. सरकार ने पिछले दो ढाई साल में बहुत सारी विज्ञप्ति हमें लोगों को रोजगार देने के लिए भेजी है. आरपीएससी के पास जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, जिसे हमने पूरी भी किया है. हमने यह सुनिश्चित किया कि त्वरित गति से काम को किया जा सके. इस दौरन हमने ऑनलाइन परीक्षा भी शुरू करने का फैसला किया. दो परीक्षा भी आयोजित की जाएगी. अब तक हम दो परीक्षा भी करा चुके हैं. अभी चार परीक्षाएं कराई जाएंगी.
राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के प्रमुख उत्कल रंजन साहू ने बताया कि पहले आरपीएससी को लेकर लोगों में असंतोष का माहौल था, जिसे हमने अपनी कार्यशैली से सुधारने का काम किया. आज हमें विश्वास है कि अभ्यर्थी हमारे काम से खुश हैं.
उन्होंने बताया कि आमतौर पर जब आपको किसी पद की जिम्मेदारी मिलती है तो पूरी कार्यप्रणाली को समझने में दो से चार महीने का समय लग जाता है. अगर आप मुझसे व्यक्तिगत स्तर पर सवाल करेंगे तो मैं यही कहूंगा कि अगर मुझे थोड़ा और ज्यादा समय मिले तो मैं चीजों को और ज्यादा बेहतर कर पाऊंगा.
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में जिस तरह से आरपीएससी में काम हो रहा है, अगर आगे भी उसी तरह से होता रहा तो निश्चित तौर पर अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचेगा. मेरा कुल मिलाकर यही कहना है कि जो पात्र कैंडिडेट है, उसे पूरा लाभ मिले. उसके हितों पर कोई कुठाराघात न हो.
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एसएचके/डीकेपी