गुवाहाटी में उपराष्ट्रपति ने गीता नगर कॉलेज की नई बिल्डिंग का किया उद्घाटन, छात्रों को नशे से दूर रहने की दिलाई शपथ

गुवाहाटी, 6 सितंबर . उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को गुवाहाटी में गीता नगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने कॉलेज की नई शैक्षणिक इमारत का उद्घाटन भी किया. इस कॉलेज को पहले कन्या महाविद्यालय के नाम से जाना जाता था.

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने समारोह को संबोधित करते हुए कॉलेज को 50 साल पूरे करने पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि गीता नगर कॉलेज ने पिछले पांच दशकों में असम के शैक्षिक और सामाजिक विकास में बड़ा योगदान दिया है. खासकर शिक्षा के जरिए युवा महिलाओं की कई पीढ़ियों को सशक्त बनाने में इस संस्थान की अहम भूमिका रही है.

उपराष्ट्रपति ने असम को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाली भूमि बताया. उन्होंने कहा कि असम ने अपनी भाषाओं, साहित्य, संगीत, नृत्य और स्वदेशी परंपराओं के जरिए भारत के सांस्कृतिक परिदृश्य को मजबूत किया है. उन्होंने वीर योद्धा लचित बोरफुकन को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत असम के साहस और अपनी धरोहर की रक्षा की प्रतिबद्धता का प्रतीक है और आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. असम अपने प्राकृतिक संसाधनों, जंगलों और विश्व प्रसिद्ध चाय के साथ अपार क्षमता रखता है और विकास के एक नए दौर से गुजर रहा है.

उपराष्ट्रपति ने शिक्षा की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों का काम सिर्फ छात्रों को करियर के लिए तैयार करना नहीं है, बल्कि उन्हें लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सजग जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है.

इस मौके पर उन्होंने छात्रों को ‘नशीले पदार्थों को ना’ की शपथ भी दिलाई. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खुद नशे से दूर रहें और अपने दोस्तों को भी इससे बचने के लिए प्रेरित करें. उन्होंने कहा कि युवा अपना समय, स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षित रखें.

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, बायोटेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष अनुसंधान और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर हैं, जो उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने में मदद करेंगे.

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम की प्रगति की सराहना की. उन्होंने कहा कि असम हाल के वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना है. स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचे, रोजगार और चाय-बागान समुदायों के विकास में बड़ा निवेश किया जा रहा है.

समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, शिक्षा मंत्री डॉ. रनोज पेगु सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. उपराष्ट्रपति 6 से 9 सितंबर तक असम, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश की चार दिवसीय यात्रा पर हैं.

–

एससीएच/डीकेपी