
विजयवाड़ा, 30 जुलाई . आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 25 साल के साईं कृष्णा की पुलिस हिरासत में मौत की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने गुरुवार को सर्कल इंस्पेक्टर (सीआई) एसएसवीवी नागराजू को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया.
Supreme Court ने पुलिस हिरासत में मौत मामले में मुख्य आरोपी सस्पेंडेड पुलिस अधिकारी से पूछताछ के लिए सात दिन की पुलिस कस्टडी की मंजूरी दी थी. इसके बाद एसआईटी ने उसे राजामहेंद्रवरम सेंट्रल जेल से हिरासत में लिया और विजयवाड़ा ले आई.
Supreme Court के निर्देश के अनुसार एसआईटी ने पूछताछ के लिए हिरासत में लेने से पहले आरोपी पुलिस अधिकारी को विजयवाड़ा की अदालत में पेश किया.
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस एम. रवि प्रकाश की अगुवाई वाली एसआईटी ने नागराजू और चार कॉन्स्टेबलों को गलत तरीके से कैद करने, टॉर्चर करने, पुलिस हिरासत में मौत और सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
सोमवार को Supreme Court ने नागराजू से कस्टडी में पूछताछ को लेकर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की कई शर्तों में ढील दी.
राज्य सरकार की अपील को मंजूरी देते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि पूछताछ को राजामहेंद्रवरम सेंट्रल जेल तक सीमित रखना अव्यावहारिक और अनुचित है. कोर्ट ने कहा कि इससे जांच में बाधा आएगी.
एसआईटी ने Supreme Court को बताया था कि चूंकि पीड़ित का शव अभी तक नहीं मिला है और सीसीटीवी हार्ड डिस्क भी बरामद नहीं हुई हैं, इसलिए पूछताछ के दौरान अहम बातें सामने आ सकती हैं.
बेंच ने कहा कि एसआईटी को आरोपी को संबंधित जगहों पर ले जाने की आजादी होनी चाहिए, न कि अपराध स्थल से 160 किमी दूर जेल में पूछताछ करने तक सीमित रहना चाहिए. Supreme Court ने एसआईटी को अपने तय पूछताछ केंद्र या विजयवाड़ा में किसी अन्य सुरक्षित जगह पर आरोपी से पूछताछ करने की इजाजत दे दी.
इस साल मई में एनटीआर पुलिस कमिश्नरेट के कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन में पुलिस कस्टडी में कथित टॉर्चर के कारण साईं कृष्णा की मौत हो गई थी.
उनकी मां गाडे विजया लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, बुरी तरह टॉर्चर किया गया और पीट-पीटकर मार डाला गया. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया और सबूत मिटा दिए.
साईं कृष्णा पर कुछ मामले और गैर जमानती वारंट लंबित थे. उन्हें 6 मई को मरकापुरम से हिरासत में लिया गया और कृष्णा लंका पुलिस स्टेशन ले जाया गया. उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और बाद में वे लापता हो गए.विजया लक्ष्मी की शिकायत पर 19 जून को मामला दर्ज किया गया.
एसआईटी ने 23 जून को नागराजू को गिरफ्तार किया. उसने बाद में दो हेड कॉन्स्टेबल और दो कॉन्स्टेबल को भी गिरफ्तार किया, जिन्होंने नागराजू की मदद की थी.
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एएसएच/वीसी