एंटी-डोपिंग कोड के सामंजस्य की दिशा में वाडा की बड़ी पहल

बीजिंग, 2 जून . वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने इस बात पर जोर दिया है कि स्टेकहोल्डर्स के लिए नए वर्ल्ड एंटी-डोपिंग कोड को अपनाने के लिए तालमेल बेहद जरूरी है. नया वर्ल्ड एंटी-डोपिंग कोड और अंतरराष्ट्रीय मानक अगले साल 1 जनवरी से लागू होंगे.

वाडा, सह-मेजबान चीन एंटी-डोपिंग एजेंसी के साथ मिलकर, चीनी राजधानी में 1 से 3 जून तक एशिया और ओशिनिया अंतर-सरकारी मंत्रिस्तरीय बैठक और एशिया और ओशिनिया संगोष्ठी आयोजित कर रहा है.

‘सिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को संगोष्ठी के उद्घाटन दिवस पर, वाडा के अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने कोड को लागू करने की तैयारी में स्टेकहोल्डर्स को एजेंसी के समर्थन का वादा करते हुए कहा, “यह हम सभी का फर्ज है कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं कि कोड पर हस्ताक्षर करने वाले 1 जनवरी 2027 को, जब अपडेट किए गए नियम लागू होंगे, तैयार हों. वाडा आने वाले महीनों में उन हस्ताक्षरकर्ताओं को कई तरीकों से समर्थन देगा, और यह एशिया और ओशिनिया में हमारे भागीदारों पर निर्भर करेगा कि वे क्षेत्रीय संगोष्ठी के दौरान सीखे गए सबक को अपनाएं और उन्हें दुनिया के अपने-अपने हिस्सों में लागू करें. एंटी-डोपिंग समुदाय तब सबसे मजबूत होता है जब हम एकजुट होते हैं. वह एकता पिछले साल बुसान में विश्व सम्मेलन में साफ दिखाई दी थी, और आज एक बार फिर पूरी तरह से प्रदर्शित हुई. मैं इस गति को कल और अगले छह महीनों तक 2027 कोड को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ते हुए देखने के लिए उत्सुक हूं.”

बांका ने कहा कि वह सोमवार को हुई अंतर-सरकारी मंत्रिस्तरीय बैठक के नतीजों से संतुष्ट हैं, जिसमें एशिया और ओशिनिया के लगभग 40 देशों और क्षेत्रों से 140 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

सत्रों के बाद बांका ने कहा, “उनके (स्टेकहोल्डर्स) पास इस साल नए नियमों, नए मानकों को अपनाने का समय है, ताकि वे कोड के अनुरूप हो सकें. इस बैठक के दौरान, हमने सरकारों पर जोर दिया कि वे समय सीमा से पहले इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कड़े कदम उठाएं, ताकि किसी भी तरह के नतीजों से बचा जा सके, और अपडेट के लिए सभी को समान अवसर मिल सकें.”

उन्होंने कहा, “नियमों के अनुसार कोड को अपनाने के लिए प्रणाली में तालमेल होना बेहद जरूरी है. हमने बैठक को एक ऐसे प्रस्ताव के साथ समाप्त किया, जिसे सभी सरकारों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी. इसका एक मजबूत पहलू यह है कि खेल मंत्री डोपिंग-रोधी मामलों के राजनीतिकरण के खिलाफ हैं.”

आरएसजी