
बेंगलुरु, 29 अप्रैल . बुधवार को शिवाजीनगर में भारी बारिश के बाद सरकारी बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने से तीन बच्चों सहित सात लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटनास्थल का दौरा किया और कथित लापरवाही के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई.
इस बीच, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु में भारी बारिश के दौरान बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने से बच्चों सहित सात लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया.
एक बयान में कुमारस्वामी ने कहा कि इस दिल दहला देने वाली त्रासदी ने उन्हें बहुत विचलित कर दिया है.
उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और राज्य सरकार से घायलों को आवश्यक आपातकालीन उपचार उपलब्ध कराने तथा उनके परिवारों को पर्याप्त सहायता प्रदान करने का आग्रह किया. उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं बार-बार होती रहती हैं और आरोप लगाया कि सरकार ने इससे सबक नहीं सीखा है. उन्होंने शहर में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता पर बल दिया.
घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कुमारस्वामी ने बोरिंग अस्पताल की चारदीवारी गिरने की गहन जांच की मांग की और यह भी जानना चाहा कि इसका निर्माण कब हुआ था. उन्होंने जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
वहीं, मुआवजे की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपए दिए जाएंगे. उन्होंने अधिकारियों को घायलों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री ने बाद में बोरिंग अस्पताल के आपातकालीन वार्ड का दौरा किया और डॉक्टरों को घटना में घायल हुए लोगों को उचित चिकित्सा देखभाल प्रदान करने का निर्देश दिया.
सिद्धारमैया ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और अधिकारियों से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में सवाल किया.
उन्होंने पूछा कि क्या पुरानी दीवार की स्थिति का निरीक्षण किया गया था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी पर चिंता जताई.
उन्होंने कहा कि अगर पर्याप्त सावधानी बरती गई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था और उन्होंने अधिकारियों को उनकी लापरवाही के लिए फटकार लगाई.
यह घटना बोरिंग अस्पताल के पास हुई, जहां कथित तौर पर दीवार सड़क विक्रेताओं और बारिश से बचने के लिए शरण लिए हुए अन्य लोगों पर गिर गई. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस त्रासदी में सात लोगों की जान चली गई.
सिद्धारमैया ने बोरिंग अस्पताल का दौरा किया और ढहने वाली जगह का मुआयना किया.
उन्होंने अधिकारियों से पूरी जानकारी जुटाई और सभी संबंधित अधिकारियों को घटनास्थल पर उपस्थित होने का निर्देश दिया. घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होंने ढहने की तत्काल जांच के आदेश दिए.
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एमएस/