वांग यी ने फ्रांस और लातविया के विदेश मंत्रियों के साथ की फोन वार्ता

बीजिंग, 15 सितंबर . चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 14 सितंबर को निमंत्रण पर फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ फोन पर वार्ता की.

इस मौके पर वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के रणनीतिक नेतृत्व में चीन-फ्रांस संबंधों के सतत विकास का रुझान कायम रहा. अब अंतर्राष्ट्रीय स्थिति में उथल-पुथल हो रही है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देश होने के नाते चीन और फ्रांस को रणनीतिक संपर्क मजबूत कर एक साथ जोखिमों और चुनौतियों का सामना करना होगा. चीन इस महीने सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष देश की भूमिका निभाने में फ्रांस का सक्रिय रूप से समर्थन करता है. आशा है कि फ्रांस सुरक्षा परिषद की उचित भूमिका निभाने को बढ़ावा देगा.

वांग यी ने कहा कि एक चीन की नीति चीन-फ्रांस व्यापक रणनीतिक साझेदारी का राजनीतिक आधार है. चीन का विकास यूरोपीय संघ के लिए अवसर है, न कि चुनौती. आशा है कि फ्रांस रणनीतिक दृष्टि वाला बड़ा देश होने के नाते व्यावहारिक और तर्कसंगत रवैये से यूरोप-चीन संबंधों की स्थिरता में सक्रिय भूमिका निभाएगा.

वहीं, बैरोट ने कहा कि फ्रांस दृढ़ता से एक चीन की नीति पर कायम रहता है. यूरोप-चीन आर्थिक संबंधों में समस्या और चुनौती मौजूद हैं. फ्रांस इसका समाधान करने में यूरोप-चीन रचनात्मक वार्ता बढ़ाएगा.

उधर, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 14 सितंबर को निमंत्रण पर लातविया की विदेश मंत्री बैबा ब्रेजे के साथ भी फोन पर वार्ता की.

इस मौके पर बैबा ब्रेजे ने कहा कि कई सालों से लातविया और चीन के बीच बेहतर व्यवहारिक सहयोग संबंध कायम रहे. यूएन सुरक्षा परिषद आदि बहुपक्षीय मंचों पर दोनों देशों ने बेहतर सहयोग किया. आशा है कि चीन के साथ संपर्क और आदान-प्रदान मजबूत किया जाएगा, ताकि द्विपक्षीय संबंधों का विकास बढ़ सके.

वहीं, वांग यी ने कहा कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद चीन और लातविया हमेशा एक-दूसरे के साथ समान व्यवहार करते हैं और पारस्परिक सम्मान करते हैं. चीन लातविया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाना चाहता है.

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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