पश्चिम एशिया संकट: ईरानी स्पीकर गालिबाफ बोले, ‘एकतरफा समझौतों का दौर खत्म’

तेहरान, 12 जुलाई . ईरान और अमेरिका के बीच हवाई हमले बढ़ गए हैं. टकराव की रफ्तार में इजाफा पूरी दुनिया के लिए चिंता की वजह बना हुआ है. इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने स्पष्ट किया कि अब एकतरफा समझौतों का दौर खत्म हो चुका है.

अपने कड़क और तीखे तेवरों के लिए पहचाने जाने वाले गालिबाफ ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर अपनी राय जाहिर की. उन्होंने लिखा, “हमने पहले ही कहा था- वादा निभाओ, नहीं तो कीमत चुकाओ. अब हकीकत सामने है.”

उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ अमेरिका-ईरान समझौता मसौदे के अनुच्छेद-5 की तस्वीर भी साझा की. यह अनुच्छेद होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़ा है. इसी को लेकर विवाद बढ़ा और उसने फिर से सैन्य टकराव का रुख अख्तियार कर लिया है.

इस बीच, ईरानी सेना ने अमेरिका से जून में हुए समझौते (एमओयू) का पालन करने को कहा है. ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमीनिया के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की दखलअंदाजी और वैकल्पिक समुद्री रास्ता बनाने की कोशिश से क्षेत्र में असुरक्षा बढ़ी है.

उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट में देश के अधिकारों की पूरी मजबूती से रक्षा करेगी.

ईरान ने ये भी कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही से जुड़े भविष्य के फैसले केवल ईरान और ओमान की आपसी सलाह से होने चाहिए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बताया कि शनिवार को मस्कट में दोनों देशों के कानूनी और तकनीकी प्रतिनिधिमंडलों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हुई.

बैठक में “होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही और दोनों देशों के संप्रभु अधिकारों पर चर्चा हुई.”

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने भी गल्फ क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. रविवार को बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे से धुआं उठता दिखाई दिया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बेस के ऊपर धुएं का गुबार नजर आ रहा है.

इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया है. बहरीन में भी मिसाइल अलर्ट जारी किया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया था.

केआर/