पश्चिम बंगाल: बीरभूम पुलिस ने फरार चल रहे तुलु मंडल के घर पर चस्पा किया कोर्ट का समन

कोलकाता, 13 अगस्त . पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने गुरुवार को एक पत्थर खदान के मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के घर पर समन चस्पा किया है. मोहम्मद नजीबुद्दीन लगातार फरार चल रहा है. उसके खिलाफ पिछले हफ्ते रेड-कॉर्नर नोटिस जारी किया गया.

बीरभूम पुलिस की एक टीम गुरुवार को तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के घर पहुंची और उसकी दीवार पर कोर्ट का समन चस्पा किया. नजीबुद्दीन को 14 अगस्त को सुबह 10 बजे तक बीरभूम की जिला अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है.

समन में आरोपों का भी जिक्र किया गया है, जिनके तहत तुलु मंडल पर मामला दर्ज हुआ है. इसमें बताया गया है कि संगठित अपराध, सबूत नष्ट करने और आपराधिक विश्वासघात के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद तुलु की तलाश की जा रही है. वह गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है और ऐसी स्थिति में जिला अदालत ने उसे ‘भगोड़ा’ घोषित किया है.”

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “चूंकि उसके खिलाफ पहले ही रेड-कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है, इसलिए उसके पास किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा से कानूनी तौर पर विदेश भागने का मौका नहीं होगा. एक बार जब उसे आधिकारिक तौर पर ‘घोषित अपराधी’ करार दिया जाएगा, तो अगली प्रक्रिया उसकी सभी संपत्तियों को जब्त करने की होगी.”

इस महीने की शुरुआत में तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से 28 करोड़ रुपए नकद और करीब 22 करोड़ की कीमत का सोना बरामद हुआ था. पूछताछ के दौरान मीनार मंडल ने बताया कि उसके घर से बरामद नकद और सोना तुलु का था. यह उसे सिर्फ अपने पास रखने के लिए सौंपा गया था. इसके बाद से तुलु मंडल लगातार पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रडार पर है.

हालांकि, मीनार मंडल की गिरफ्तारी के बाद तुलु मंडल फरार हो गया. पुलिस ने पिछले हफ्ते बीरभूम की जिला अदालत से एक नोटिस जारी करवाया. इसके बाद में रेड-कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया.

बताया जाता है कि टुलू मंडल ने अपनी जिंदगी एक दिहाड़ी मजदूर के तौर पर शुरू की थी, लेकिन ममता सरकार के दौरान बीरभूम में टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल का करीबी सहयोगी होने के बाद वह तेजी से अमीर बना. टुलू मंडल का नाम 2022 में मवेशी तस्करी मामले में भी सामने आया था.

डीसीएच/