पश्चिम बंगाल बजट 2026: जानिए पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने क्या कहा?

कोलकाता, 22 जून . पश्चिम बंगाल में सुवेंदु सरकार ने सोमवार को अपना पहला पूर्ण बजट जारी कर दिया है, जिसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी. भाजपा ने इस बजट को जनता की आकांक्षाओं के अनुरुप बताया है तो वहीं विपक्ष का कहना है कि वर्तमान परिदृश्य में राज्य के समक्ष कई चुनौतियां हैं, जिनका समाधान नई सरकार को तलाशना होगा.

केंद्रीय मंत्री सुकांता मजूमदार ने पश्चिम बंगाल बजट पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने जो नया पश्चिम बंगाल बनाने का फैसला किया है, उसके शिलान्यास की दिशा में यह बड़ा कदम साबित होगा.

भाजपा विधायक सजल घोष ने भी पश्चिम बंगाल के बजट को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के लोगों के लिए मुस्कान का कारण बनेगा.

वहीं, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने राज्य की प्रमुख चुनौतियों का उल्लेख किया. उन्होंने सोमवार को से बातचीत में कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि सरकार इन समस्याओं का समाधान किस प्रकार करेगी.

उन्होंने कहा, “यह सरकार अभी नई है, इसलिए उसे कुछ समय दिया जाना चाहिए. हालांकि, राज्य के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं. मौजूदा समय में राज्य पर करीब 8 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ है. इसे कम करने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी, यह देखना होगा. राज्य के कर्मचारियों का डीए बकाया है. सरकार ने इसे लेकर जो आश्वासन दिए थे, उन पर वह किस प्रकार अमल करती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा.”

रॉय ने कहा कि बेरोजगारी राज्य की बड़ी समस्याओं में से एक है. उन्होंने कहा, “राज्य में करीब दो लाख रिक्त पद बताए जाते हैं. सरकार इन्हें भरने के लिए क्या करती है, इस पर भी नजर रहेगी. इसके अलावा, केंद्र सरकार की ओर से राज्य को 60 हजार करोड़ रुपये की सहायता दिए जाने की बात कही गई है. अब देखना होगा कि इन संसाधनों का उपयोग विकास कार्यों में किस प्रकार किया जाता है.”

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद ने कहा कि हम ऐसा नहीं कह रहे हैं कि सबकुछ एक महीने में ही हो जाना चाहिए. लेकिन, सरकार को सामने आकर पूरी रूपरेखा जरूर प्रस्तुत करनी चाहिए कि वो कैसे क्या कदम उठाते हैं. हालांकि, मौजूदा सरकार ने भत्ते को बढ़ाने का फैसला किया है. पहले डेढ हजार रुपये दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब तीन हजार रुपए कर दिया गया है. लेकिन, संख्या को कम किया गया है. पहले दो करोड़ से ज्यादा लोगों को महिला भत्ता दिया जाता था. अभी 50 लाख रुपये को दिया जा रहा है. अभी तक सरकार ने सामने आकर लैड पॉलिसी को लेकर अपनी स्थिति साफ नहीं की है. अभी तक मौजूदा सरकार की ओर से एक भी इंडस्ट्री लगाने की बात नहीं की गई है. अब देखना यह होगा कि आगामी दिनों में सरकार की ओर से राज्य में उद्योग के जाल को फैलाने के लिए क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं. अभी तक युवा पीढ़ी को आशा देने के लिए कोई नया कदम नहीं उठाया गया है.

टीएमसी ने सांसद ने पेट्रोल-डीजल की तेजी से बढ़ती कीमतों को भी सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बताया और सरकार से जनता को राहत देने की अपील की.

आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बजट में बहुत बड़ा अंतर है. सरकार को इस दिशा में जरूर कदम उठाना चाहिए. राज्य कर्मचारियों को अब डीए मिलना चाहिए.

एसएचके/एएस