पश्चिम बंगाल की सीएम की अपील को मिला समर्थन, बड़ी बजट वाली पूजा समितियों ने छोड़ा सरकारी अनुदान

कोलकाता, 8 सितंबर . कोलकाता की कई बड़े बजट वाली सामुदायिक दुर्गा पूजा समितियों ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की उस अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने समितियों से राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान को स्वेच्छा से लेने से इनकार करने का अनुरोध किया था.

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को इस वर्ष के लिए प्रत्येक सामुदायिक दुर्गा पूजा समिति को राज्य सरकार द्वारा 1,00,000 रुपए का अनुदान देने की घोषणा की थी. उन्होंने उन बड़े बजट वाली पूजा समितियों से भी अपील की, जो राज्य सरकार की सहायता के बिना भी अपने आयोजनों को सफलतापूर्वक चलाने में सक्षम हैं, वे स्वेच्छा से राज्य सरकार का अनुदान स्वीकार करने से इनकार कर दें.

इस मामले में मध्य कोलकाता की संतोष मित्रा स्क्वायर समिति के प्रमुख संरक्षक और भारतीय जनता पार्टी के विधायक सजल घोष ने कहा, “हमने हमेशा सरकारी सहायता लेने से इनकार किया है और सैद्धांतिक रूप से ऐसे उपायों का विरोध किया है, लेकिन इस बार अगर इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद और योग्य लोगों तक पहुंच रहा है, तो यह निश्चित रूप से एक स्वागत योग्य कदम है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह जानकर अच्छा लगता है कि हमें वैचारिक मतभेदों के कारण उपयोगी पहल का विरोध नहीं करना पड़ रहा है. जब सही लोगों को लाभ मिलता है, तो हमें राजनीति से परे, इस अच्छे काम की सराहना करनी चाहिए.

पश्चिम बंगाल में भाजपा की राज्य प्रवक्ता कीया घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह तर्क बिल्कुल सही है कि राज्य सरकार का पूजा अनुदान कम बजट वाली पूजाओं के लिए होना चाहिए, जिनके लिए यह दान बहुत मायने रखता है. कीया घोष दक्षिण कोलकाता के कस्बा में राजडांगा नबा उदय संघ पूजा से समिति के अध्यक्ष के रूप में जुड़ी हुई हैं.

उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री का छोटे-बड़े सभी पूजा-पाठों के प्रति समर्थन दिखाने के लिए तहेदिल से आभार व्यक्त करता हूं. पूजा समितियों के बिजली बिल पर शत प्रतिशत छूट देना निसंदेह एक स्वागत योग्य कदम है. राजडांगा नबा उदय संघ में हमने इस बार कुछ अलग सोचा है. हम यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे.”

कुछ अन्य मेगा-बजट पूजा समितियों ने भी मुख्यमंत्री की अपील का जवाब देते हुए स्वेच्छा से राज्य सरकार का अनुदान लेने से इनकार कर दिया, जिनमें उत्तरी कोलकाता के ताला प्रत्यय क्लब और फूलबागान सर्वजनिन और दक्षिणी कोलकाता के संतोषपुर लेक पल्ली क्लब शामिल हैं.

एसएके/वीसी