
कोलकाता, 3 सितंबर . पुलिस ने गुरुवार को बताया कि पुरुलिया जिले के एक व्यक्ति को साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
पता चला है कि 82 लाख रुपए की धोखाधड़ी में से 40 लाख रुपए आरोपी श्यामलाल बरन सहिस के खाते में आए थे. वह पुरुलिया के बांदवान पुलिस स्टेशन इलाके के धाडका गांव का रहने वाला है.
उसे गिरफ्तार करने और हिरासत में पूछताछ करने के बाद पुलिस को साइबर फ्रॉड रैकेट के बारे में सुराग मिला.
श्यामलाल के अलावा, पुलिस ने इस साइबर फ्रॉड घटना में शामिल होने के आरोप में पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से दो झारखंड के रहने वाले हैं. पुलिस को पता चला है कि वे पुरुलिया शहर में एक घर किराए पर लेकर यह रैकेट चला रहे थे. उन्हें पुरुलिया कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की जांच के लिए उनकी कस्टडी की मांग की.
पुलिस के मुताबिक, जांचकर्ता साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए एक विशेष अभियान चला रहे हैं. इसमें पुलिस अलग-अलग जगहों पर खुद से मामले दर्ज कर रही है. पुलिस ने पुरुलिया साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ऐसे दो मामले दर्ज किए हैं.
जांच के दौरान पुलिस ने 217 बैंक खातों और कुछ एटीएम काउंटरों की पहचान की. बाद में, जब पुलिस ने बैंक खातों की जांच की तो वे हैरान रह गए. पुलिस को पता चला कि श्यामलाल बरन सहिस के बैंक खाते में 40 लाख रुपए जमा किए गए थे. उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने पांच और लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें पुरुलिया शहर का रहने वाला और एक प्राइवेट कंपनी का सिविल इंजीनियर अंकित सिंह और उसका भाई शामिल हैं.
पुलिस ने झारखंड के दो निवासियों और पुरुलिया के पारा पुलिस स्टेशन इलाके के रहने वाले रॉकी बाउरी नाम के एक युवक को भी गिरफ्तार किया.
पुलिस को यह भी पता चला कि वे पुरुलिया शहर में स्थानीय युवाओं को घर का किराया देने का लालच देकर उनके बैंक अकाउंट और एटीएम कार्ड किराए पर लेते थे. जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार लोगों से साइबर धोखाधड़ी में शामिल होने के आरोप में हिरासत में पूछताछ की जा रही है. अधिकारी उन लोगों की भी तलाश कर रहे हैं जो इस गैंग में शामिल हैं.
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एमएस/