
कोलकाता, 15 अगस्त . हावड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर-इन-काउंसिल (एमएमआईसी) के पूर्व सदस्य और तृणमूल कांग्रेस नेता श्यामल मित्रा को पुलिस ने कोलकाता के न्यू टाउन इलाके से गिरफ्तार किया है.
इसी को लेकर पुलिस ने शनिवार को बताया कि पूर्व राज्य मंत्री अरूप रॉय के करीबी नेता पर जबरन वसूली, डराने-धमकाने और मारपीट के कई आरोप हैं. शनिवार को जब उन्हें शिबपुर पुलिस स्टेशन से हावड़ा कोर्ट ले जाया जा रहा था तो कुछ लोगों ने उन पर अंडे फेंके. आरोप है कि पुलिस के सामने ही उनकी पिटाई भी की गई.
पुलिस के मुताबिक, 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद दोपहर में काउंटिंग के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर (एसआई) पप्पू यादव की अगुवाई में पुलिस टीम ने हावड़ा मैदान की ओर जा रहे एक जुलूस को रोका. पुलिस का दावा है कि जुलूस में 400 से 500 लोग थे और सभी के हाथों में तृणमूल के झंडे थे. वे बिना प्रशासनिक अनुमति के नारे लगाते हुए जुलूस को आगे ले जा रहे थे.
पुलिस ने कहा कि जुलूस में शामिल लोगों को चेतावनी दी गई थी कि वे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं. हालांकि, वे आगे बढ़ते रहे और कथित तौर पर आक्रामक हो गए. आरोप है कि उन्होंने पुलिस पर हमला किया, जिसमें एसआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. कुछ लोगों को अस्पताल में इलाज कराना पड़ा. अरूप रॉय के करीबी श्यामलाल मित्रा के खिलाफ शिबपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया.
शिकायत करने वालों में शिबपुर पुलिस स्टेशन के शुभजीत चट्टोपाध्याय ने लिखित शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि 10 अप्रैल की रात जब वे हावड़ा के मंदिरतला में भाजपा पार्टी ऑफिस के सामने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे तो श्यामल मित्रा और उनके साथियों ने उन पर हमला किया.
उन्होंने दावा किया कि मित्रा ने उन्हें बंदूक दिखाकर धमकाया, 1.5 लाख रुपए की मांग की और उनका सामान छीन लिया. जब उन्होंने मना किया, तो मित्रा ने कथित तौर पर बंदूक के बट से उनके सिर पर मारा. उस समय उनके पास 1,030 रुपए थे, जो मित्रा ने जान से मारने की धमकी देकर छीन लिए.
गिरफ्तार तृणमूल नेता को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया. उस समय, लोगों के एक समूह ने उन पर अंडे फेंकना शुरू कर दिया. आरोप है कि उनकी पिटाई भी की गई. पुलिस उन्हें कोर्ट ले जाने में कामयाब रही और स्थिति को और बिगड़ने से रोका.
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डीके/डीकेपी