
कोलकाता, 16 जून . टीएमसी से निष्कासित नेता रिजु दत्ता ने पार्टी के आंतरिक विवादों, कुणाल घोष पर अंडे फेंकने और अभिषेक बनर्जी से सीआईडी और ईडी द्वारा की गई पूछताछ पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बिना किसी का नाम लिए दावा किया कि पहले भी सांसदों ने कल्याण बनर्जी के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी, लेकिन ममता और अभिषेक बनर्जी ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसी का परिणाम है कि सत्ता परिवर्तन होते ही टीएमसी टूट गई.
रिजु दत्ता से कहा, “सांसद कल्याण बनर्जी के बर्ताव को लेकर पहले भी कई बार ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से सांसदों ने शिकायत की थी, लेकिन वह पार्टी की बात थी तो अंदर ही रह गई. अब जब सत्ता परिवर्तन हो गया है तो काकोली घोष दस्तीदार के पास पूरा अधिकार है कि वह लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत करें. मैंने दस्तीदार का पत्र पढ़ा है और एक्स पर पोस्ट भी किया है. पत्र में कल्याण बनर्जी के भाषा और दुर्व्यवहार को लेकर शिकायत की गई है. इसके साथ ही संसद से बर्खास्त करने की अपील की है. अब स्पीकर के पास मामला है, वही जांच करेंगे और फैसला लेंगे. जांच में अगर कल्याण बनर्जी दोषी पाए जाते हैं तो लोकसभा स्पीकर कानून के अनुसार सजा तय करेंगे.”
ममता बनर्जी के घर के सामने कुणाल घोष को अंडे मारने पर रिजु दत्ता ने कहा, “मैं इस घटना की कड़ी शब्दों में निंदा करता हूं. पूर्व मुख्यमंत्री के घर के सामने विधायक द्वारा मीडिया से बात करते समय हमला किया जाना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा नहीं हो सकता. अगर ऐसा होता रहा तो ठीक नहीं है. हालांकि मेरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष इस कल्चर का समर्थन नहीं करते हैं. इस तरह के हमले बंद होने चाहिए, अन्यथा आने वाले दिनों में खराब परिणाम देखने को मिलेंगे. नेताओं पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”
अभिषेक बनर्जी से सीआईडी और ईडी द्वारा की गई पूछताछ पर दत्ता ने कहा, “एजेंसी अपना काम कर रही है और अभिषेक बनर्जी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं. लगातार वह पूछताछ का सामना कर रहे हैं और अपना पक्ष रख रहे हैं. अगर एजेंसी के पास सबूत है तो जल्द से जल्द अभिषेक बनर्जी पर कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो जनता एजेंसी पर भरोसा करना छोड़ देगी और कहेगी कि राजनीति के तहत ये सब हो रहा था.”
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ओपी/वीसी