
वडोदरा, 15 अगस्त . भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस दौरान 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर भी जोर दिया. प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि देशभर में ‘प्रतिभा खोज अभियान’ चलाया जाएगा और 5 से 15 वर्ष के बच्चों की काबिलियत को पहचानकर उन्हें सरकार द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी.
पीएम मोदी की इस खास पहल की खो-खो खिलाड़ी और सरदार पटेल जूनियर अवॉर्ड सम्मानित धनविन खोपकर ने जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह अभियान भारतीय खेलों में बड़ा बदलाव लाने का काम कर सकता है. धनविन ने ‘ ’ के साथ बात करते हुए कहा, “जाहिर तौर पर इस तरह के अभियान चलाए जाने चाहिए, क्योंकि कई ऐसे खेल हैं, जिनमें भारत हिस्सा नहीं लेता है.”
उन्होंने आगे कहा, “इस अभियान की मदद से जो बच्चे निकलकर आएंगे और देश का प्रतिनिधित्व करेंगे, तो उससे भारत की झोली में और भी मेडल आएंगे. इस अभियान के कारण भारत का और भी नाम रोशन होगा. हमारे प्रधानमंत्री ने शानदार पहल की है.”
धनविन ने कहा कि वह चाहते हैं कि खो-खो का खेल भी जल्द ही ओलंपिक में शामिल हो, ताकि भविष्य में बच्चे इसमें भी मेडल लेकर आ सकें.
देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों में भारत को मिल रही लगातार कामयाबी का जिक्र किया. इसके साथ ही उन्होंने उन ओलंपिक खेलों में भी जगह बनाने की अपील की, जिसमें भारत अभी हिस्सा नहीं लेता है.
पीएम मोदी ने कहा, “भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है. अब खेल के पोडियम पर भारत का राष्ट्रगीत सुनाई देता है. भारत का राष्ट्रगान सुनाई देता है. तिरंगा लहराता दिखाई देता है. टॉप्स योजना ने बहुत बड़ी सफलता पाई है. खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, बिच गेम्स, खेल संरचनाएं, खेल के लिए कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पोर्ट्स के लिए पोषण के क्षेत्र में भारत महारत हासिल कर रहा है.”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “हम युवाओं से आग्रह करते हैं कि हम 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी कर रहे हैं. मैं चाहता हूं कि हम जिन खेलों में क्वालीफाई नहीं कर पाते, उन पर ध्यान दें. हम इसके लिए प्रतिभा खोज अभियान चलाना चाहते हैं. गांव-गांव, शहर-शहर, स्कूल-स्कूल 5 से 15 साल के बच्चों में प्रतिभा ढूंढने के लिए ‘प्रतिभा खोज अभियान’ चलाया जाएगा. प्रतिभा की पहचान की जाएगी और फिर बच्चों को प्रशिक्षण देकर उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में विकसित किया जाएगा.”
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एसएम/एबीएम