
नई दिल्ली, 10 अगस्त . दिल्ली विधानसभा में मानसून सत्र जारी है. सत्र के दूसरे दिन सोमवार को ‘लक्ष्मी योजना’ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार हुई. स्पीकर विजेंद्र गुप्ता
ने जैसे ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बोलने के लिए कहा, विपक्ष ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. मुख्यमंत्री का जवाब सुनने पहले ही आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी योजना से जुड़ी तीन बच्चों की मां को अपात्र मानने वाली शर्त पर जवाब देते हुए कि महिलाएं केवल बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं हैं. उन्होंने कहा कि बार-बार बच्चा पैदा करने से महिला के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, ऐसे में दिल्ली सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर सजग और सतर्क है. यही वजह है कि लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों की मां को अपात्र बनाने वाली शर्त रखी गई है ताकि हमारी माताएं-बहनें सुरक्षित और स्वस्थ्य रहें. उन्होंने कहा कि यह शर्त किसी एक जाति और धर्म के लिए नहीं, बल्कि सभी महिलाओं के लिए हैं, क्योंकि सरकार के लिए सभी महिलाओं का स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है.
मुख्यमंत्री ने योजना का महत्व समझाते हुए कहा कि हमारी महिलाएं दिन-रात घरों में काम करती हैं, लेकिन उनके काम की कोई इकोनॉमिक वैल्यू नहीं आंकी जाती. इसके साथ ही महिलाएं घर चलाने के लिए एक-एक पैसा जोड़ती हैं और उसे बचाकर रखती हैं. जब भी परिवार पर कोई संकट पड़ता है तो ये महिलाएं अपना पैसा लेकर सामने आती हैं और परिवार को मुसीबत से बाहर निकालती हैं. यह दिल्ली लक्ष्मी योजना उन महिलाओं के लिए ही है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आप सरकार पर तीस हजार करोड़ रुपए के घोटाले का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चाहे बिजली कंपनियों का बकाया हो या फिर शिक्षा क्षेत्र से जुड़ा कर्ज, दिल्ली सरकार और दिल्ली वालों को आप सरकार की कारगुजारियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
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